ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेश गोरखपुररेल में रील बनाने को समझा खेल, पकड़े गए और भेजे गए जेल

रेल में रील बनाने को समझा खेल, पकड़े गए और भेजे गए जेल

संरक्षा से खिलवाड़ बीते एक साल में एनईआर में रील बनाने के फेर में 156

रेल में रील बनाने को समझा खेल, पकड़े गए और भेजे गए जेल
हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरThu, 25 Apr 2024 02:30 AM
ऐप पर पढ़ें

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता
रेल, स्टेशन या पटरियों पर रील बनाने के फेर में दर्जनों युवा जेल की हवा खा चुके हैं। पटरियों पर लेटकर, बैठकर या चलती ट्रेन में दरवाजे से लटककर रील बनाने वालों पर आरपीएफ ने सख्त कार्रवाई की है। बीते एक साल में ऐसे करीब 156 युवाओं का रेलवे एक्ट में चालान हो चुका है। इसमें कई तो जुर्माना देकर छूट गए लेकिन कुछ को जेल की हवा खानी पड़ी। सार्वजनिक रूप से माफी के साथ ही जमानत देने के बाद ही मुक्ति मिली।

दरअसल, टिक-टॉक पर प्रतिबंध लग जाने के बाद से कइयों ने अब छोटे-छोटे रील बनाकर यू-ट्यूब और अन्य सोशल मीडिया चैनलों पर अपलोड करना शुरू कर दिया है। ऐसे ही रील बनाने वाले कुछ युवा संरक्षा से भी खिलवाड़ करने में पीछे नहीं हट रहे हैं। बीते एक साल में आरपीएप ने जिन लोगों पर कार्रवाई की है उसमें ज्यादातर ऐसे हैं, जिन्होंने ट्रैक पर रील बनाने की कोशिश की। ऐसे लोगों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई कर कड़ी चेतावनी दी गई। इसके अलावा कुछ ऐसे भी रील के दीवाने पकड़े गए जो चलती ट्रेन में दरवाजे से लकटकर रील बनाने की कोशिश कर रहे थे। करीब दो दर्जन मामलों में रील वायरल होने के बाद जांच कर इसे बनाने वालों पर कार्रवाई की गई।

पब्लिक प्लेस में रील बनाने वालों से असहज होते है लोग

रील्स और शॉर्ट वीडियो बनाने का ट्रेंड चल पड़ा है। कभी भी, कहीं भी, कोई भी रील्स बनाना शुरू कर देता है। अक्सर अलग-अलग जगहों पर मोबाइल और वीडियो कैमरे से रील्स और शॉर्ट वीडियो बनाते यूट्यूबर और युवा दिख जाते हैं। आलम यह है रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप और हवाई अड्डों पर लोग इनकी इस हरकत की वजह से असहज हो जाते हैं। ये युवा स्टेशन के प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया और ट्रेनों में भी वीडियो शूट करने लगे हैं। कई बार इस चक्कर में उनकी जान पर बन आती है।

कोट

रील बनाने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बीते एक साल में 150 से अधिक लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। युवाओं से अपील है कि वे रेलवे परिक्षेत्र में इस तरह जोखिम भरा कोई काम न करें।

-चंद्रमोहन, वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।