Theft of fraud can reach above 15 million - 15 करोड़ से ऊपर पहुंच सकती है जालसाजी की रकम DA Image
16 नबम्बर, 2019|4:09|IST

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15 करोड़ से ऊपर पहुंच सकती है जालसाजी की रकम

15 करोड़ से ऊपर पहुंच सकती है जालसाजी की रकम

बिल्डर डॉ. अरविंद तिवारी की जालसाजी की रकम बढ़ती ही जा रही है। शुरुआत में 15 करोड़ तक जालसाजी की बात कही जा रही थी लेकिन अब जिस तरह से एक के बाद एक कर लोग सामने आ रहे हैं उससे यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है। गुरुवार को जहां नवल्स एकेडमी के निदेशक डा. संजयन ने 22 लाख रुपये की जालसाजी का केस दर्ज कराया वहीं शुक्रवार को भी कुछ और व्यवसायी डॉ. अरविंद पर मुकदमा दर्ज करा सकते हैं। जबकि एक एनआरआई ने भी 22 लाख की जालसाजी केस पहले ही दर्ज कराया है।

डॉ. अरविंद तिवारी ने अपने जालसाजी का शिकार शहर के बड़े वर्ग के लोगों को बनाया है। इस वर्ग में डॉक्टर, इंजीनियर, व्यवसायी, उद्यमी, स्कूल मालिक और सांसद तथा बड़े नौकरशाह तक शामिल हैं। इस वर्ग ने डॉ. अरविंद को फ्लैट के नाम पर आसानी से पैसा दे दिया था। पर जालसाजी का मामला सामने आने के बाद यह वर्ग चुप-चाप बैठ भी गया था। हालांकि डॉ. अमित गोयल तथा एनआरआई प्रविंद कुमार गुप्ता आदि ने डॉ. अरविंद तिवारी को बेनकाब करने के साथ रुपये पाने की अपनी लड़ाई लड़नी जारी रखी थी। इसी कड़ी में दिनेश गुप्ता का नाम भी सामने आए। दिनेश उनके साथ काम कर रहे थे जब उनका भी पैसा डूब गया तब वह भी थाने पहुंच गए। फिर डॉ. अरविंद तिवारी की गिरफ्तारी हुई और फिर अब एक के बाद एक कर अब बड़े लोग भी अपनी जालसाजी की कहानी लेकर सामने आ रहे हैं। इसमें अभी तक वही लोग सामने आ रहे हैं जिनका एक नम्बर का पैसा था।

गुरुवार को नवल्स एकेडमी के निदेशक डॉ. संजयन त्रिपाठी ने अरविंद तिवारी पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया। डॉ. संजयन त्रिपाठी ने फ्लैट के नाम पर 22 लाख रुपये हड़पने की शिकायत की है। वहीं एक नर्सिंग होम मालिक और ब्रेड कारोबारी ने भी पुलिस के एक अफसर से संपर्क किया है लेकिन अभी तक उन्होंने थाने में तहरीर नहीं दी है। वहीं व्यापारी मनीष रूंगटा ने साढ़े 38 लाख की जालसाजी की जानकारी देते हुए शुक्रवार को तहरीर देने की बात कही है।

नवल्स एकेडमी के निदेशक डा. संजयन ने दर्ज कराया केस

थाने में दर्ज केस के मुताबिक डॉ. संजयन से बिल्डर डॉ. अरविंद ने फ्लैट देने के नाम पर 22 लाख रुपये लिए थे। कई बार उन्होंने डॉ. अरविंद से फ्लैट के लिए संपर्क भी किया। अरविंद पुराने परिचित होने का फायदा उठाकर रुपये लेकर फरार हो गया। बाद में उससे संपर्क नहीं होने पर संजयन भी उसके शहर लौटने का इंतजार करने लगे। अरविंद के पकड़े जाने के बाद डॉ. संजयन ने भी कैंट थाने में तहरीर देकर केस दर्ज कराया है।

एनआरआई प्रविंद से भी 22 लाख की जालसाजी

आजाद चौक रुस्तमपुर के रहने वाले एनआरआई प्रविंद कुमार गुप्ता से भी डा. अरविंद तिवारी ने 22 लाख की ठगी की है। कुवैत में रहने वाले इंजीनियर प्रविंद कुमार गुप्ता ने हिन्दुस्तान को बताया कि डीआईजी बंगला के सामने स्थित अपार्टमेंट में फ्लैट के लिए उन्होंने चेक के जरिये डॉ. अरविंद तिवारी को पैसा दिया था। जालसाजी सामने आने के बाद दूतावास के माध्यम से एसएसपी के जरिये सूचना देकर कैंट थाने में एफआईआर कराई थी। इंजीनियर प्रविंद ने बताया कि डॉ. अरविंद के घर जाकर उन्होंने चेक दिया था।

मनीष रुंगटा को लगाया साढ़े 38 लाख का चूना

शहर के व्यापारी मनीष रुंगटा भी जालसाजी के शिकार हुए। उन्होंने बताया कि अरविंद तिवारी व उनके साथ के कुछ लोगों ने मिलकर साढ़े 38 लाख की जालसाजी की है। शुक्रवार को वह भी डॉ. अरविंद व अन्य लोगों के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर देंगे। मनीष रुंगटा ने बताया कि व्यापारी मित्र के वहां आकस्मिक दुर्घटना के चलते वह गुरुवार को तहरीर नहीं दे पाए हैं।

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