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गोरखपुर

दीपावली की तैयारी में जुटे टेराकोटा हस्तशिल्प कलाकार, दीपक की बढ़ी मांग

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 09:31 PM
दीपावली की तैयारी में जुटे टेराकोटा हस्तशिल्प कलाकार, दीपक की बढ़ी मांग

भटहट। हिन्दुस्तान संवाद

विश्व प्रसिद्ध टेराकोटा गांव के शिल्पकार दिवाली की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इसके लिए इलेक्ट्रिक चॉक पर गीली मिट्टी से खेल रहीं शिल्पकारों की उंगलियां एक से बढ़कर एक कलाकृतियां तैयार करने में जुटी हुई हैं। विश्व प्रसिद्ध औरंगाबाद के साथ ही गुलरिहा, भरवलिया, अशरफपुर आदि गांवों में शिल्पकार मिट्टी को विभिन्न आकार देने में मशगूल हैं। दीवाली पर्व में डिजाइन दिया, स्टैंड दीपक के साथ ही सादा दिया कि मांग काफी बढ़ने से कलाकार अपने उद्योग को लेकर खासा उत्साहित हैं।

दीपावली की तैयारियों में हस्तशिल्प कलाकार मोहनलाल प्रजापति ने बताया कि पर्व की तैयारी के लिए झूमर, हाथी, घोड़ा, लालटेन और डिजाइनर दीया, स्टैंड दीपक के साथ कलश के साथ दीपक की डिमांड बढ़ गयी है। कलाकारों का कहना है कि कोरोना के बाद पहली बार सादे दिया की मांग काफी बढ़ी है। इसके लिए गोरखपुर समेत आस-पास अन्य जिलों के लोग पहुंच रहे हैं। मगर उनकी मांग पूरी नहीं हो पा रही है। हालांकि दिवाली की जो तैयारी पहले से की गई थी, वह देश के विभिन्न राज्यों में भेज दी गई है।

शिल्पकारों की मानें तो दिवाली पर्व का उन्हें इंतजार रहता है। कोरोना काल के बाद दिवाली पर्व के लिए की गयी तैयारियां इस वर्ष नाकाफी साबित हो रहा है। बीते वर्ष की तरह इस साल भी उन्हें लॉकडाउन का भय था। इसे ध्यान में रखते हुए कलाकारों ने दिवाली पर्व की तैयारी की थी। शिल्पकार लक्ष्मीचंद प्रजापति ने बताया कि इस दीवाली पर्व में दक्षिण भारत, पूना, भोपाल, राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों में औरंगाबाद की मिट्टी से बने विभिन्न कलाकृतियां सप्लाई की गई है।

टेराकोटा शिल्प से चलती है 400 परिवारों की जिंदगी

टेराकोटा के क्षेत्र में विश्वप्रसिद्ध औरंगाबाद, गुलरिहा, बुढाडीह, भरवलिया, अशरफपुर, जंगल एकला नम्बर दो समेत आधा दर्जन गांव के करीब 250 परिवारों की जिंदगी की गाड़ी टेराकोटा शिल्प से ही चलती है। गुलरिहा के शिल्पकार राजन प्रजापति कहते हैं कि उनके वर्कशॉप पर बाहरी गांव से भी कलाकार सीखने आते हैं। अब तक करीब सौ से अधिक लोग इस कला को सीख कर परिपक्व होकर अपने स्वयं के कारोबार करने में जुटे हुए हैं। इससे वे अच्छी कमाई कर रहे हैं।

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