DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › गोरखपुर › जन औषधि केन्द्र पर आपूर्ति ठप, खत्म हो गई 80 फीसदी दवाएं
गोरखपुर

जन औषधि केन्द्र पर आपूर्ति ठप, खत्म हो गई 80 फीसदी दवाएं

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Fri, 30 Jul 2021 04:03 AM
जन औषधि केन्द्र पर आपूर्ति ठप, खत्म हो गई 80 फीसदी दवाएं

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अस्पतालों में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र बदहाल हैं। इन केन्द्रों में 80 फीसदी दवाएं नहीं हैं। इनमें जीवन रक्षक दवाओं के साथ दर्द, बुखार, बीपी, शुगर सहित बच्चों की दवाएं पिछले चार माह से नहीं है। जबकि केंद्र संचालक पांच बार दवाओं की डिमांड भेज चुके हैं। इसकी वजह से मरीजों को महंगे दाम पर मेडिकल स्टोरों से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।

जिला व महिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब तीन हजार मरीज आते हैं। इसको देखते हुए ही दोनों अस्पतालों में जन औषधि केन्द्र खोले गए हैं। जन औषधि केन्द्र की शुरूआत करने के दौरान दावा किया गया था कि इसके जरिए मरीजों को सस्ती जेनरिक दवाएं दी जाएंगी। विभिन्न बीमारियों की 649 दवाएं उपलब्ध कराने का दावा था लेकिन अभी इस केंद्र पर केवल 62 दवाएं उपलब्ध हैं। इनका भी स्टॉक जल्द समाप्त होने वाला है।

जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र के संचालक वसीउल्लाह खान ने बताया कि जिले में जन औषधि केंद्रों को दवाओं की आपूर्ति के लिए भारतीय जन औषधि परियोजना ने एक थोक दुकानदार को यह जिम्मेदारी दी थी। लेकिन यह केंद्र पिछले दो साल से बंद है। इसके बाद गुन्जन इंटरप्राइजेज को दवा आपूर्ति का ठेका दिया गया। यहां से छह महीने से दवाएं ही नहीं मिली है। स्थिति ऐसी है कि बच्चों की एंटीबॉयोटिक दवाएं भी खत्म हो गई है। जोड़ों में दर्द के लिए बिकने वाले स्प्रे, दर्द निवारक जैसी सामान्य दवाएं भी खत्म हैं।

इन बीमारियों की नहीं है दवा

दिल, शुगर, न्यूरो से संबंधित, मानसिक रोग, चर्मरोग, एलर्जी, अस्थमा, फंगल इंफेक्शन, बच्चों और बुजुर्गो में बुखार की दवाएं नहीं हैं। इसके अलावा दर्द, बुखार, विटामिन, एंटी-बायोटिक, कैल्सियम, शुगर, ब्लड प्रेशर, थायराइड, मलेरिया, इंफेक्शन, आदि बीमारियों की भी सभी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।

जिले में केंद्र से दवाओं की ठीक-ठाक बिक्री होती है। रोजाना 15 हजार रुपए तक कारोबार होता था। इस समय दवाओं की कमी है। डिमांड भेजी जा चुकी है। दवाएं कम मिलेंगी इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।

- वसीउल्लाह खान, संचालक

इस समय तो दवाओं की जबर्जस्त शार्टेज हो गई है। आलम यह है कि दवाओं के लिए छह बार डिमांड भेजी जा चुकी है। अब तक डिमांड के सापेक्ष आपूर्ति नहीं हो सकी है।

- मो. शमीम, संचालक

संबंधित खबरें