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गोरखपुर महोत्‍सव में सुखविंदर सिंह ने अपने गानों से मचाई धूम


गोरखपुर महोत्‍सव में सुखविंदर सिंह ने अपने गानों से मचाई धूम

एक.. दो.. तीन.. और चार की गिनती के बाद रात करीब 8.30 बजे गायक सुखविंदर सिंह ने अपने ताजा हिट गीत ‘कर हर मैदारन फतेह को गाते हुए जैसे ही गोरखपुर महोत्सव के मुख्य मंच पर इंट्री ली तो गीत और गायक की ऊर्जा को देखकर महोत्सव पंडाल की ठंड गर्माहट में बदल गई।

गोरखपुर महोत्सव के पहले दिन सारा आकर्षण गायक सुखविंदर सिंह चुरा ले गये ओर गोरखपुर वासियों के दिलों में अपनी आवाज का जादू छोड़ गये। चक दे इंडिया गीत जब दर्जनों बच्चों की मौजूदगी में तिरंगा लेकर सुखविंदर ने गाया तो पूरे माहौल में देशभक्ति की अलख महसूस की जा सकती थी। सुखविंदर सिंह के साथ ही पंडाल में मौजूद हर किसी के चेहरें पर तिरंगे के प्रति गर्व को महसूस किया जा सकता था।

यूनिवर्सिटी परिसर में सुखविंदर सिंह नाइट बेजोड़ रही। एक बाद एक सुपरहिट गीत दर्शकों ने सुने और झूमते रहे। सुखविंदर सिंह ने ‘हौले हौले गीत के साथ दर्शकों को अपने साथ बांध लिया। इसके साथ ही तेज संगीत वाला ‘आजा आजा दिल निचोड़े गीत पर दर्शकों को डांस करने पर मजबूर कर दिया, इसी गीत के साथ सुखविंदर ने गोरखपुर को जोड़ते हुए गाया कि ‘चल चल गोरखपुर में होगी ढैन ढैन।

गीतों की लड़ी को आगे बढ़ाते हुए सुखविंदर ने ‘ ए भाई जरा देख के चलो, ‘ मरजानी -मरजानी, ‘चल छईयां छईयां, ‘जय हो, ‘उड़ी उड़ी जाये दिल की पतंग देखों उड़ी उड़ी जाये, ‘रे सुल्तान, ‘दिल में मेरे है दर्द-ए-डिस्को, ‘मैं रमता जोगी , ‘हुड़ हुड दबंग-दबंग, ‘बन ठन चली देखो वे जाती वे जाती, ‘नशा ही नशा है, ‘घुल मिल घुल मिल, ‘ओ साकी साकी रे साकी साकी जैसे गीतों को पेश कर महोत्सव की पहली शाम को कभी न भूलने वाली शाम बना दिया।

मंच पर सुखविंदर को आया गुस्सा

प्रस्तुति के दौरान एक गीत पर जब सुर के साथ सुखविंदर को वा्दय यंत्रों से सही ताल नहीं मिली तो सुखविंदर ने गाना बीच में रोकते हुए गुस्से में कहा कि मुझे मंच पर कोई भी बेवकूफी बर्दाश्त नहीं है। इसके बाद सुखविंदर ने अपना मूड सही किया और सहयोगी की हौसला अफजाई की और दोबारा अपने रंग में लौट आये।

गाना अश्लील न हो तो गाऊं

सुखविंदर ने सिंह ने जैसे ही गीत ‘बीड़ी जलईले जिगर से पिया गाना शुरू ही किया था कि वो अचानक रुक गये और बोले ये आध्यात्मिक धरती है और मेरे शिव कभी मुझे अपशब्द वाले गीत गाने की इजाजत नहीं देते हैं। अगर अब सबकों ये गीत अश्लील न लगे तो मैं गाऊं। उन्होंने कहा कि वैसे मनोरंजन के लिए थोड़ी छूट होती है। इसके बाद जब पब्लिक ने हां बोला तो सुखविंदर ने गाना पूरा किया।

सुखविंदर ने देखे गोरखपुर के संस्कार

गाने के दौरान सुखविंदर ने मंच पर बच्चों को बुलाया। तमाम बच्चे मंच पर आये और सबसे पहले सभी बच्चों ने सुखविंदर के पैर छुये। सुखविंदर सभी मना करते रहे लेकिन गोरखपुर के संस्कारी बच्चों ने उनके पैर छूना बंद नहीं किया। बच्चों के संस्कार देख सुखविंदर भी खुश नजर आये और बच्चों के साथ दबंग गीत पर खूब डांस किया और चक दे इंडिया गीत से देशभक्ति की छटा बिखेरी।

जो दिल्ली में नहीं दिखा वह गोरखपुर में देखा

सुखविंदर एक दिन पहले ही गोरखपुर आ गये थे। सुखविंदर ने मंच से बताया कि बीती रात बाबा गोरखनाथ की धरती देखने का मन हुआ। रात में ही वो निकल पड़े। सुखविंदर ने कहा कि यहां मैं देर तक घूमा और अधिकांश चौराहों पर मैने देश की विभूतियों की तस्वीर देखी। ऐसा मैने दिल्ली में भी नहीं देखा। सुखविंदर ने कहा कि वो शहर के सात चौराहों पर रुके और महान लोगों की मूर्तियों पर नमन किया।

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  • Web Title:Sukhvinder Singh Mega Show in gorakhpur Mahotsav