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अचानक आई तेज आवाज और गोरखपुर के यात्रियों ने बचा ली ट्रेन

सुबह आठ बजे का वक्त था, यात्री फ्रेश होकर चाय पी रहे थे कि अचानक से तेज आवाज आई और नीचे का फर्श फट गया। यह देख यात्री घबरा तो गए लेकिन सूझबूझ दिखाते हुए बिना समय गवाएं चेनपुलिंग कर दी। 

सतर्कता
गोरखपुर से यशवंतपुर जा रही ट्रेन की एक बोगी का नागपुर में टूट गया पहिया
100 की रफ्तार में दौड़ रही थी ट्रेन, नहीं रोकी जाती तो हो जाता बड़ा हादसा

यात्रियों की इस सूझबूझ से गोरखपुर से यशवंतपुर जा रही 15015 एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। ट्रेन रुकी और लोग नीचे उतरे तो देखा कि उनकी बोगी के एक पहिया का काफी हिस्सा टूट गया है। घटना की जानकारी अन्य यात्रियों को हुई तो वे सहम गए। सभी यात्री बोगी से नीचे उतर गए। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई और रेलवे की रेस्क्यू टीम भी पहुंच गई। सुखद यह रहा कि किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ। सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। 


गोरखपुर से यशवंतपुर जाने वाली ट्रेन सोमवार को सुबह 6:40 बजे यहां से रवाना हुई थी। ट्रेन के ए-2 कोच में यात्रा कर रहे विकास, चेनन, रेयांश और प्रतिभा ने बताया कि मंगलवार को सुबह करीब आठ बजे ट्रेन नागपुर पहुंची थी। फ्रेश होने के बाद वे चाय पी रहे थे कि नीचे से काफी तेज आवाज आई। नीचे देखा तो फर्श में दरार आ गई थी। किसी अनहोनी की आशंका देख बिना समय गंवाए टे्रन की चेनपुलिंग कर दी जिससे कुछ दूर जाकर ट्रेन रुक गई। जिस समय घटना हुई ट्रेन की रफ्तार लगभग 100 किमी प्रति घंटे थी। रेलवे के जानकारों के अनुसार पहिए का टूटना चौंकाने वाला है। चेनपुलिंग नहीं हुई होती तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। रेलवे मण्डल परिचालन प्रबंधक और अन्य अफसरों ने यात्रियों के प्रति आभार जताया।

जांच के स्थिति साफ होगी
प्रथम दृष्टया इस घटना में मैटेरियल फेल्योर की बात सामने आ रही है। जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच के बाद स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगी। 
संजय यादव, सीपीआरओ

पांच घंटे नागपुर में खड़ी रही ट्रेन
पहिया टूट जाने के कारण ट्रेन करीब पांच घंटे तक नागपुर स्टेशन पर ही रुकी रही। इस दौरान यात्री काफी परेशान हुए। रेलवे ने उस बोगी को अलग कर दूसरी बोगी लगवाई जिसके बाद दो बजे ट्रेन को रवाना किया गया।

तेज आवाज सुन घबराए यात्री
यात्रियों ने बताया कि पहिया टूटने की आवाज इतनी तेज थी कि कोच में सो रहे यात्री चौंक कर उठ गए और किसी अनहोनी की आशंका से बुरी तरह से घबरा गए। कुछ यात्री बोगी में इधर-उधर भागने लगे। 

जांच के लिए रवाना हुई टीम
घटना की जानकारी पूर्वोत्तर रेलवे को मिली तो मुख्यालय में हड़कम्प मच गया। चूंकि ट्रेन गोरखपुर से चलती है तो जांच गोरखपुर से ही कराई जाएगी। रेलवे ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। गोरखपुर से तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को नागपुर के लिए रवाना हो गई। 
 
कोच अटेंडेंट ने भी किया सराहनीय काम
गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस के ए-2 बोगी के अटेंडेंट ने भी सराहनीय काम किया। तेज आवाज सुनते ही उसने सभी यात्रियों को अलर्ट कर दिया और ट्रेन रुकने के बाद यात्रियों को उतारने में मदद की।

तेज आवाज से घबरा गई


‘‘अभी बैठ कर सभी चाय पी रहे थे कि अचानक से तेज आवाज आई। आवाज इतनी तेज थी कि सभी घबरा गए। किसी अनहोनी को देख उसी बोगी में बैठे एक यात्री ने चैनपुलिंग कर दी जिससे गाड़ी रुक गई।’’ 
प्रतिभा श्रीवास्तव, यात्री 

सभी डर गए
‘‘आवाज इतनी तेज थी लगा कि किसी चीज से हमारी टेन की टक्कर हो गई है। सभी घबरा गए थे। जो रहे थे वह उठ गए। मैने आनन फानन चेनपुलिंग की जिससे ट्रेन रुक गई।’’ 
विकास सिंह, यात्री 

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  • Web Title:Suddenly the loud voice and passengers of Gorakhpur saved the train