एम्स ने 5 से 10 मिमी के छिद्र से निकाला 5 सेमी किडनी स्टोन
Gorakhpur News - पांच सेमी के किडनी स्टोन का लेप्रोस्कोपी सर्जरी से किया सफल इलाज मरीज की

गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स के सर्जरी विभाग ने 65 वर्षीय पुरुष मरीज के पांच सेमी के बड़े किडनी स्टोन (पथरी) को लेप्रोस्कोपी तकनीक से निकालकर सफल सर्जरी की है। यह जटिल सर्जरी बेहद कठिन थी, लेकिन एम्स ने आधुनिक सर्जिकल उपकरणों की बदौलत आसानी से स्टोन को निकालकर मरीज को राहत दी है। अब मरीज की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। एम्स के मुताबिक, मरीज ओपीडी में सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रो. डॉ. धर्मेंद्र कुमार पीपल के पास आया था। मरीज की बाईं ओर कमर (फ्लैंक) में रुक-रुक कर दर्द तथा बीच-बीच में पेशाब में खून की शिकायत थी।
मरीज का सीटी यूरोग्रॉफी एवं अल्ट्रासाउंड किया गया। जांच में पता चला कि बाईं किडनी के रीनल पेल्विस में लगभग पांच सेमी का बड़ा स्टोन है। अच्छी बात यह थी कि इतने बड़े स्टोन के बाद भी किडनी कार्यरत थी, ऐसे में तत्काल सर्जरी की सलाह दी गई। डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि सामान्यत इस आकार के स्टोन का उपचार ओपन सर्जरी द्वारा किया जाता है, जिसमें बड़े चीरे की आवश्यकता होती है और इससे अधिक दर्द, रक्तस्राव, संक्रमण का खतरा तथा लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है।इसके अलावा पीसीएनएल भी एक विकल्प है, लेकिन इतने बड़े स्टोन के मामलों में यह कई चरणों (मल्टीपल सीटिंग) में करना पड़ता है और इसमें ब्लीडिंग और रिशेड्यूल स्टोन का जोखिम भी बना रहता है। इसके बाद निर्णय लिया गया कि मरीज का इलाज लेप्रोस्कोपी सर्जरी से किया जाएगा। इसके बाद सर्जरी आधुनिक लेप्रोस्कोपिक तकनीक से केवल 5-10 मिमी के छोटे-छोटे छिद्रों के माध्यम से की गई, जिससे मरीज को कम दर्द, न्यूनतम रक्तस्राव, शीघ्र रिकवरी का लाभ मिला। सर्जरी में डॉ. सलमान खान, डॉ. अलान फिलिप, एनेस्थीसिया टीम की डॉ. सीमा यादव, डॉ. अरशिया, डॉ. फासिल, स्टाफ नर्स सुष्मिता, प्रीति एवं नेहा का विशेष योगदान रहा। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता के मार्गदर्शन हुई है।इस प्रकार की जटिल सर्जरी को लेप्रोस्कोपी तकनीक से सफलतापूर्वक करना संस्थान की उन्नत चिकित्सा सेवाओं और उत्कृष्ट टीमवर्क का प्रतीक है। एम्स गोरखपुर आधुनिक, सुरक्षित और मरीज-केंद्रित उपचार प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। यह सफलता एम्स में उन्नत लेप्रोस्कोपी सर्जरी की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाती है और यह साबित करती है कि जटिल सर्जरी भी अब कम से कम चीरे के साथ सुरक्षित और प्रभावी ढंग से की जा सकती है।-डॉ. विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक, एम्स
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