बीआरडी के ऑडिटोरियम में लगीं घटियां कुर्सिया, जांच में पुष्टि
Gorakhpur News - खबर का असर प्राचार्य ने महानिदेशक चिकित्सा को दी सूचना, कुर्सियां बदलने को लिखा

गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में घटियां कुर्सिया लगाई गई थीं। आपके अपने समाचार पत्र ‘हिन्दुस्तान’ की खबर पर मेडिकल कॉलेज की जांच समिति ने मुहर लगा दी है। जांच समिति ने माना है कि करीब सवा करोड़ रुपये का खर्च दिखाकर कार्यदायी संस्था की ओर से ऑडिटोरियम में दोयम दर्जे की कुर्सियां लगाई गई थीं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कार्यदायी संस्था को पत्र लिखकर ब्रांडेड कुर्सियां लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही महानिदेशक चिकित्सा को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया है।दरअसल, शासन ने करीब 8 करोड़ रुपये से बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम के रिनोवेशन की जिम्मेदारी यूपी-सिडको को दी।
इसमें से करीब सवा करोड़ रुपये से ब्रांडेड कंपनी की कुर्सियां लगनी थीं। जानकारी के अनुसार, कुर्सी के लगाने में बड़ा खेल हुआ। खास बात यह है की कुर्सियां लगवाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने ऑडिटोरियम में कई कार्यक्रम भी आयोजित कर दिए।मामले में ‘हिन्दुस्तान’ में 30 मार्च के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद नेहरू अस्पताल की एसआईसी डॉक्टर कंचन श्रीवास्तव ने 31 मार्च को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखकर प्रकरण की जांच करने का आग्रह किया था। इस पर प्राचार्य की ओर से एक जांच समिति का गठन किया गया। जांच समिति की ओर से प्राचार्य को सौंपी गई रिपोर्ट में घटियां कुर्सियां लगाए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कार्यदायी संस्था को पत्र भेजकर टेंडर के डीपीआर के मानक के अनुरूप कुर्सी लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही महानिदेशक चिकित्सा को पत्र लिखकर बताया है कि कार्यदायी संस्था को नए सिरे से ब्रांडेड कुर्सी लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांगइस मामले में कांग्रेस के जनार्दन शर्मा ने भी कमिश्नर से शिकायत की थी। कमिश्नर ने प्रकरण की जांच डीएम को सौंपी। मामले को तूल पकड़ता देख मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आनन-फानन में कार्यदायी संस्था को कड़ा पत्र भेजा। मामले में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने कहा कि आश्चर्य है कि दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की जगह पत्र जारी कर गलती सुधारने को कह दिया गया। मांग की कि प्रशासन दोषी कार्यदायी एजेंसी और उनके अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराए। कार्यदायी संस्था को प्रतिबंधित करे।दर्जनों कार्यक्रम का आयोजन हुआ, विवाद बढ़ा तो ऑडिटोरियम किया गया बंदऑडिटोरियम में घटिया कुर्सी लगाने के विवाद को तूल पकड़ता देख मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अब यहां ताला लगा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, ऑडिटोरियम में पिछले वर्ष अक्तूबर में ही कुर्सियां लगाई गई थीं। उसके बाद से यहां राष्ट्रीय सेमिनार, 2020 बैच का दीक्षांत व 2025 बैच का स्वागत समेत दर्जनों कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं। ये कार्यक्रम भी तब हुए जबकि कार्यदायी संस्था द्वारा ऑडिटोरियम कॉलेज प्रशासन को हैंडओवर नहीं हुआ था। कार्यदायी संस्था के एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जब कुर्सियां लगाई गईं तब शिक्षकों ने इसे क्वालिटी वाला माना था। उस समय कार्यक्रम के आयोजन का दबाव बनाया गया। कार्यक्रम बीत जाने के बाद हैंडओवर लेने में आनाकानी करने लगे।
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