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80 से 85 प्रतिशत अंक पाने वाले छात्र नाखुश

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) का हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाओं का रिजल्ट जारी हो चुका है। नये फॉर्मूले के आधार पर बोर्ड परीक्षार्थियों को नम्बर भी दिये गये। अब बोर्ड ने पोस्ट रिजल्ट...

80 से 85 प्रतिशत अंक पाने वाले छात्र नाखुश
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरFri, 24 Jul 2020 03:35 AM
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केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) का हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाओं का रिजल्ट जारी हो चुका है। नये फॉर्मूले के आधार पर बोर्ड परीक्षार्थियों को नम्बर भी दिये गये। अब बोर्ड ने पोस्ट रिजल्ट काउंसिलिंग हेल्पलाइन जारी की है। जिस पर छात्र अपने रिजल्ट से जुड़ी बातों के साथ ही समस्याओं का समाधान भी पा सकते हैं। बोर्ड की इस हेल्पलाइन पर गोरखपुर के परीक्षार्थियों ने भी कॉल कर अपनी जिज्ञासाओं का शांत किया। अधिकांश छात्र जो 80 से 85 फीसद तक अंक लाने वाले हैं। वह थोड़े मायूस थे। जिन्हें हेल्पलाइन पर मौजूद कांउसलर ढाढस भी बंधा रहे हैं। दरअसल नये फॉमूले के आधार पर इंटर कॉमर्स के बच्चों को हिन्दी और बिजनेस स्टडी में दूसरे विषयों में मिले अंक के औसत पर नम्बर दिये गये थे। इसके बाद से ही जिन छात्र-छात्राओं को लगता था कि वह हिन्दी और बिजनेस में जितने नम्बर मिले हैं उससे ज्यादा ला सकते हैं वह बेहद उदास थे। ऐसे ही तमाम छात्र-छात्राओं ने बोर्ड की पोस्ट रिजल्ट कांउसिलिंग हेल्पलाइन पर कॉल कर अपनी बात कही। वहीं तमाम ऐसे भी छात्र-छात्राएं हैं। जिनको बोर्ड परीक्षा में 70 से 75 फीसद तक अंक मिले हैं। उन्होंने हेल्पलाइन कॉल पर नम्बर सुधार की प्रक्रिया तो पूछी लेकिन साथ ही ये भी कहा कि वह कम नम्बर मिलने से भी संतुष्ट हैं। क्योंकि ऐसी विषम परिस्थितियों में रिजल्ट आया है। इसीलिए हम आगे मेहनत कर और अच्छे नम्बर लायेंगे।

इन जिज्ञासाओं को किया शांत

पोस्ट रिजल्ट कांउसिलिंग हेल्पलाइन के टोल फ्री नम्बर 1800118004 पर छात्र अपनी समस्याएं पूछ रहे हैं। ये हेल्पलाइन सिर्फ हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए है। इस हेल्पलाइन पर 27 जुलाई तक सुबह 9 से शाम 5 बजे तक विशेषज्ञों की सलाह ली जा सकती है। अभी तक जो कॉल गोरखपुर से हेल्पलाइन नम्बर पर गई हैं। उस पर छात्रों ने उम्मीद से कम नंबर मिलने, औसत नम्बर फार्मूले से नाखुश, पुर्नमूल्यांकन की प्रक्रिया, रिजल्ट में सुधार, अंक वेरिफिकेशन जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञों से बात की है।

छात्रों के हित में उठाया बोर्ड ने कदम

सीबीएसई बोर्ड के जिला को ऑर्डिनेटर अजीत दीक्षित ने कहा कि हेल्पलाइन पर बच्चों की कांउसिलिंग की जा रही है। वैसे निश्चित तौर बच्चे औसत अंक मिलने से नाखुश है लेकिन बोर्ड का ये कदम बच्चों के हित को ध्यान में रख कर ही उठाया गया था। खास कर इंटर साइंस वर्ग में फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ के औसत के आधार पर हिन्दी के नम्बर दिये गये। तो जो छात्र हिन्दी में 98 नम्बर तक ला सकते थे उन्हे 92 नम्बर से ही संतोष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अभी छात्रों को नम्बर में इम्प्रूवमेंट का अवसर मिलेगा।

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