Gorakhpur News: रामगढ़झील पर जेटी के दो पिलर कमजोर मिले

हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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Gorakhpur News: गोरखपुर में रामगढ़झील जेटी की संरचनात्मक सुरक्षा जांच में गंभीर खामियां सामने आई हैं। जेटी के दो पिलर कमजोर पाए गए हैं, जिससे 200 टन वजनी क्रूज को खतरा है। विशेषज्ञों ने नई जेटी बनाने का सुझाव दिया है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण नई जेटी के निर्माण की तैयारी कर रहा है।

रामगढ़झील पर जेटी के दो पिलर कमजोर मिले

Gorakhpur News: गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निर्देश पर कराई गई रामगढ़झील जेटी की संरचनात्मक सुरक्षा जांच में गंभीर खामियां सामने आई हैं। जांच में जेटी के दो ऐसे पिलर कमजोर पाए गए हैं, जिनसे करीब 200 टन वजनी क्रूज हवा और आंधी के थपेड़े झेलता है। विशेषज्ञों ने इन पिलरों की मरम्मत के बजाय नई जेटी बनाने सुझाव दिया है, क्योंकि मरम्मत से जेटी के शेष मजबूत ढांचे को भी क्षति पहुंचने की आशंका है। वहीं जांच रिपोर्ट के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नई जेटी बनने तक क्रूज संचालन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जारी रखने की तैयारी की जा रही है। साथ ही इन दोनों पिलर की मरम्मत की संभावनाएं भी तलाश रहा है।

रामगढ़झील जेटी की सुरक्षा जांच

39 साल पुरानी रामगढ़झील जेटी की संरचनात्मक सुरक्षा जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा कराई गई जांच में वर्ष 1987 में पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित जेटी के दो पिलर कमजोर पाए गए हैं। यही दोनों पिलर करीब 200 टन वजनी क्रूज को बांधने के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं।

जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष

जांच रिपोर्ट में जेटी के शेष हिस्से का निर्माण एम-40 गुणवत्ता के कंक्रीट से होने के कारण अभी भी मजबूत स्थिति में है, लेकिन केवल दो पिलरों की मरम्मत की आवश्यकता जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन दो पिलरों की मरम्मत करना तकनीकी रूप से सुरक्षित नहीं है। मरम्मत के दौरान मौजूदा मजबूत संरचना को भी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में पूरी जेटी का नए सिरे से निर्माण अधिक व्यावहारिक और सुरक्षित विकल्प होगा।

फ्लोटिंग जेटी के उपयोग का सुझाव

संचालक को क्रूज को जेटी से बांधने के बजाय झील में सुरक्षित स्थान पर एंकर डालने और यात्रियों के आवागमन के लिए फ्लोटिंग जेटी का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। इससे पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ क्रूज संचालन भी प्रभावित नहीं होगा। उधर, मरम्मत के साथ प्राधिकरण नई जेटी के निर्माण की कार्य योजना भी तैयार कर रहा है। नई जेटी का निर्माण आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप होगा ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या न आए।

गोरखपुर विकास प्राधिकरण की प्रतिक्रिया

गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि पूरा स्ट्रक्चर मजबूत है सिर्फ जिस पिलर में लेक क्विन क्रूज को बाधा जाता है, वह कुछ कमजोर है। मरम्मत की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। इसके अलावा लेक क्विन के लिए नए पिलर बनाने के साथ अन्य वैकल्पिक संभावनाओं पर मंथन चल रहा है।

खुलासे के मुख्य बिंदु

-सीएम योगी के निर्देश पर संरचनात्मक सुरक्षा जांच में लापरवाही उजागर

-जिस पिलर में 200 टन वजन की क्रूज बांधी जाती है वो ही कमजोर

-दो पिलर की मरम्मत से शेष ढांचे की मजबूती पर असर की आशंका

-पर्यटन विभाग ने जेटी का निर्माण 1987 में किया था, नई बनाने की तैयारी

FAQs

रामगढ़झील जेटी की सुरक्षा जांच कब की गई?
रामगढ़झील जेटी की सुरक्षा जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कराई गई।
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