किसान पाठशाला बनी ज्ञान का केंद्र, सीख रहे खेती के उन्नत तरीके
Gorakhpur News - गोरखपुर में रबी 2025-26 के लिए 'किसान पाठशाला' के जरिए 330 ग्राम पंचायतों में ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इसमें किसानों को प्राकृतिक खेती, ड्रोन तकनीक और एफपीओ की जानकारी मिल रही है। 28 दिसंबर तक सभी पंचायतों में यह लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
रबी 2025-26 की तैयारी को मजबूती देने के लिए 12 से 28 दिसंबर तक हर ग्राम पंचायत में चलने वाली किसान पाठशाला के तहत अब तक 330 ग्राम पंचायतों में किसान पाठशाला और विचार गोष्ठियों का आयोजन हो चुका है। गुरुवार को उप कृषि निदेशक डॉ. धनंजय सिंह ने चरगावा ब्लॉक के अमवा और विशुनपुर में किसान पाठशाला को संबोधित किया। किसान पाठशाला में किसानों को फसलों की नवीन तकनीक, प्राकृतिक खेती, ड्रोन उपयोग से लेकर एफपीओ की भूमिका तक विस्तृत जानकारी दी गई।
इन पाठशालाओं में प्रगतिशील किसान खेती के गुर सीख रहे है। वहीं एक दूजे के बीच अपने अनुभव भी साझा कर रहे हैं। उप कृषि निदेशक डॉ. धनंजय ने बताया कि प्रत्येक विकास खंड में चार प्रमुख फसलों का चयन होगा, जबकि पिछले तीन वर्षों में सर्वोच्च उत्पादन देने वाले प्रगतिशील कृषक एवं कृषि सखियों को उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। पाठशाला में प्राकृतिक खेती, दलहन-तिलहन की नई प्रजातियां, खरपतवार नियंत्रण, कृषि में ड्रोन का उपयोग, फार्मर रजिस्ट्री, एफपीओ की भूमिका, जायद की मक्का-मूंग-उर्द उत्पादन तकनीक आदि प्रमुख विषय पर चर्चा हो रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित गोष्ठियों की फोटो, प्रतिभागियों की उपस्थिति और वक्ताओं का विवरण विभागीय पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा।
प्रतियोगिताएं भी आयोजित हो रहीं हैं, जिसमें 500 रुपये मूल्य के कीटनाशी व बीज पुरस्कार स्वरूप दिए जा रहे हैं। दो दिवसीय पाठ्यक्रम में पहले दिन दो से पांच बजे तक फसल तकनीक, प्राकृतिक खेती और ड्रोन उपयोग पर सत्र होगा, जबकि दूसरे दिन फार्मर रजिस्ट्री, तकनीकी कौशल, एफपीओ और जायद फसलों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि 28 दिसंबर तक जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में किसान पाठशाला का लक्ष्य हासिल कर लेंगे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




