Solders did surgical strikes in voting also in Gorakhpur - वोटिंग में भी सैनिकों की जबरदस्त ‘सर्जिकल स्ट्राइक DA Image

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वोटिंग में भी सैनिकों की जबरदस्त ‘सर्जिकल स्ट्राइक

वोटिंग में भी सैनिकों की जबरदस्त ‘सर्जिकल स्ट्राइक

उरी और पुलवामा में सैनिकों पर हुए हमले का बदला जहां सैनिकों ने सर्जिकल स्ट्राइक कर लिया वहीं देश को एक स्वस्थ और मजबूत लोकतंत्र देने के लिए उन्हीं सैनिकों ने 2019 के चुलाव में भी जबरदस्त ‘सर्जिकल स्ट्राइक की। जी हां। एक तरफ सीमा की रखवाली तो इधर लोकतंत्र की रक्षा। जी हां दोनों मोर्चों पर अपने सेना के जवान पूरी तरह से मुस्तैद हैं।

इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विषम परिस्थितियों में रहने के बाद इस बार गोरखपुर-बस्ती मण्डल के सभी 9 सीटों पर जमकर वोटिंग की। सभी सीटों 50 फीसदी से ज्यादा सैनिकों ने ईटीपीबीएस (इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम)के जरिए अपने मनचाहे उम्मीदवार को वोट दिया। 9 सीटों पर सबसे अधिक जहां संतकबीरनगर में पड़े वहीं सबसे कम बस्ती में। संबकबीरनगर में कुल 3871 लिफाफे विभिन्न जगहों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों, सैनिकों को भेजे गए। उनमें से कुल 3119 वोट पड़कर वापस आ गए। जबकि बस्ती में 5001 लिफाफे भेजे गए और वापस कुल 1083 आए।

बार्डर पर तैनात गोरखपुर और बांसगांव के रहने वाले सैनिकों ने भी जबरदस्त उत्साह दिखाया। गोरखपुर में जहां 4539 सैनिकों में 2226 ने वोट दिए वहीं बांसगांव में 4602 सैनिकों में 2377 ने वोट दिए।

2014 में पड़े थे महज 432 वोट

2014 के लोकसभा चुनाव में सदर और बांसगांव मिलाकर भी काफी कम वोटिंग हुई। दोनों सीटों पर महज 432 वोट ही आए थे।

जवानों के लिए चुनाव आयोग ने ईटीपीबीएस (इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम) की व्यवस्था की गई थ। गोरखपुर में इसके लिए एडीएम वित्त और राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि इस बार के चुनाव में अच्छी संख्या में सैनिकों ने वोट डाले। उम्मीद है आगे और वोटिंग प्रतिशत में और इजाफा होगा।

लोकसभा वार वोटिंग (ईटीपीबीएस)

लोकसभा कुल भेजे गए लिफाफे कुल वोटिंग

बस्ती 5001 1083

महराजगंज 2498 1500

संतकबीरनगर 3871 3119

गोरखपुर 4539 2226

बांसगांव 4602 2377

डुमरियागंज 242 146

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