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गोरखपुर

स्मार्ट मीटर बकाएदारों के कनेक्शन स्वत: प्री-पेड में बदल जाएंगे

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Tue, 26 Jan 2021 03:19 AM
स्मार्ट मीटर बकाएदारों के कनेक्शन स्वत: प्री-पेड में बदल जाएंगे

गोरखपुर। मुख्य संवाददाता

स्मार्ट मीटर बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी पावर कारपोरेशन ने शुरू कर दी है। लगतार पांच महीने तक बिजली बिल जमा नहीं होने पर स्मार्ट मीटर का सेण्ट्रल सर्वर उपभोक्ता का कनेक्शन ऑनलाइन प्री-पेड में बदल देगा। प्री-पेड होने पर उपभोक्ता बिना रीचार्ज कराए बिजली नहीं जला पाएंगे। एक बार कनेक्शन प्री-पेड होने पर उसे दोबारा पोस्टपेड में बदला नहीं जा सकेगा। पावर कारपोरेशन ने स्मार्ट मीटर में इस नए फीचर को एड कराया है। ताकि उपभोक्ता बिल का भुगतान समय से करें। इससे कारपोरेशन को लगातार राजस्व मिलेगा। उपभोक्ता भी बकाए के झंझट से मुक्त रहेंगे।

स्मार्ट मीटर के इस नए फीचर की जानकारी ऊर्जा निगम के चेयरमैन ने रविवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अफसरों को दी। उन्होंने कहा कि शक्तिभवन स्थित स्मार्ट मीटर का सेण्ट्रल सर्वर बकाया बढ़ने पर खुद ही निर्णय लेकर कनेक्शन को पोस्ट पेड से प्री-पेड में बदल देगा। इस तहर का फीचर अगले महीने में लांच हो जाएगा। उन्होंने शहर में स्मार्ट मीटर के एलएमवी-2 श्रेणी व घरेलू श्रेणी के बकायेदारों की संख्या पूछी। अफसरों ने बताया कि एलएमवी-2 श्रेणी में करीब 2700 बकायेदार है जबकि घरेलू श्रेणी में बकायेदारों की संख्या 20 हजार के आसपास है। बिजली निगम के मुताबिक शहर के सभी चार खंडों में पिछले साल स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत हुई। स्मार्ट मीटर लगाने का जिम्मा लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) कंपनी को सौंपा गया। 56 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

उपभोक्ताओं ने बिजली निगम की ओर से मांगे गए फीडबैक में सबसे ज्यादा शिकायत स्मार्ट मीटर की गति को लेकर की है। आरोप है कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहे हैं। शिकायत के बाद भी अफसर कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। शहर में स्मार्ट मीटर वाले 27 सौ से ज्यादा बकायेदार लगातार कई महीने से बिजली का बिल नहीं जमा कर रहे हैं। बिजली निगम ने इनकी सूची बना ली है।

बकाया न जमा करने वाले स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को प्रीपेड में बदलने की तैयारी की जा रही है। स्मार्ट मीटर में ऐसी सुविधा है। इसके बाद उपभोक्ता पहले रुपये रीचार्ज करेंगे। फिर बिजली का उपभोग करेंगे। ऐसा होने से बिजली निगम का राजस्व बढ़ेगा।

- यूसी वर्मा, अधीक्षण अभियंता, नगरीय वितरण मण्डल

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