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गोरखपुर

नगर निगम के दावों की हकीकत बयां कर रहे सिल्ट से पटे नाले

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Mon, 14 Jun 2021 04:20 AM
नगर निगम के दावों की हकीकत बयां कर रहे सिल्ट से पटे नाले

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

नगर निगम के जनसंपर्क विभाग ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया कि शहर के छोटे-बड़ सभी 230 नालों की मानसून के दस्तक के पहले तल्लीझार सफाई हो गई है। आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान ने रविवार को हकीकत की पड़ताल की तो दावे की हवा निकल गई। नालियां सिल्ट से पटी हुईं मिलीं। वहीं नाला सफाई के बाद तत्काल सिल्ट उठाने का दावा भी हवाई नजर आ रहा है।

जलभराव को लेकर सर्वाधिक चिंता गोड़धोईया नाले को लेकर रहती है, ऐसे में नगर निगम का जोर इसपर था। लेकिन हकीकत यह है कि नाला आधा-अधूरा ही साफ हुआ है। सच्चाई यह भी है कि नागरिकों के अतिक्रमण के चलते इस नाले की सफाई 100 फीसदी सफाई मुमकिन नहीं है। कार्यकारिणी सदस्य जियाउल इस्लाम का कहना है कि अवैध अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी भी तो नगर निगम की है। कुछ अतिक्रमण करने वालों के चलते लाखों लोग जलभराव से प्रभावित हों, यह निगम और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल है। असुरन-मेडिकल रोड के खजांची रोड से पादरी, बिछिया, रेलवे कालोनी होते हुए रामगढ़झील में गिरने वाला गोड़धईया नाला अभी भी सिल्ट से पटा हुआ है। पादरी बाजार से मैत्रीपुरम के पीछे के इलाकों में तो नाले का वजूद ही खत्म हो गया है। काशीपुरम निवासी राजीव श्रीवास्तव बताते हैं कि नाले पर अतिक्रमण के चलते बिछिया, मोहनापुर के 500 से अधिक परिवार हल्की बारिश में भी जलभराव की समस्या से जूझने लगते हैं।

छात्रसंघ चौराहे से पैडलेगंज के नाले की सफाई को लेकर स्थानीय पार्षद पिंटू गौड़ बराबर सवाल उठाते रहे हैं। हकीकत में ये नाला सिल्ट से पटा हुआ है। नाले में नारियल पानी का बचा हुआ हिस्सा, बीयर की बॉटल से लेकर पॉलीथिन फेका हुआ दिखता है। स्थानीय नागरिक बागीश श्रीवास्तव बताते हैं कि सड़क के दोनों पटरियों पर फल वालों का कब्जा है। ये बचा हुआ सामान नाले में फेंक देते हैं। इसी तरह छात्रसंघ चौराहे से यूनिवर्सिटी चौराहे की तरफ जाने वाली सड़क के नाले सिल्ट से पटे हुए हैं। नाला देखकर लगता ही नहीं कि इसकी सफाई भी हुई है। इसी तरह जटाशंकर तिराहे के पास नाले में जमा सिल्ट पुलिया को छूता नजर आ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश में नाले का कचरा सड़क पर फैल जाता है।

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