DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मोबाइल एप के जरिए होगी सातवीं आर्थिक गणना

मोबाइल एप के जरिए होगी सातवीं आर्थिक गणना

केंद्रीय सॉख्यिकीय कार्यालय, सॉख्यिकीय एवं कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन मंत्रालय भारत के दिशा निर्देश के क्रम में सातवीं आर्थिक गणना का कार्य जून माह के आखिर तक शुरू हो जाएगा। बार होने वाली गणना मोबाइल एप के माध्यम से आनलाइन होगी। जिसके लिए अब कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) वीएलई को जिम्मेदारी दी गई है। ई-गर्वनेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के द्वारा लगाए गए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के माध्यम से यह कार्य सम्पन्न होगा। गुरुवार को विकास भवन के सभागार में जनपदीय समन्यकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

जिला अर्थ एवं सांख्यिकीय अधिकारी बाबूलाल ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला में गणना कार्य एवं प्रशिक्षण कार्य को सकुशल संपन्न कराने के लिए जनपद स्तरीय कार्यशाला में प्रशिक्षणदिया गया। जून आखिर से गणना को कार्य शुरू होगा जिसे तीन माह में पूर्ण करना है। इस कार्यक्रम के लिए सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत सीएससी ई- गर्वनेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के साथ करार किया है।

सीएससी स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर अजय प्रकाश चौबे ने बताया कि जिला स्तर पर सभी वीएलई के रजिस्ट्रेशन के लिए सीएससी पोर्टल पर लिंक जारी किया गया था जिस पर 900 ‌वीएलई ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है। वीएलई को सुपरवाइजर बनाया गया है। सुपरवाइजर अपने अंडर में 10 लोगों को रख कर गणना संबंधी कार्य कराएंगे। डाटा को सीएससी के माध्यम से अपलोड करेंगे। गणना कार्यक्रम को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए एप में डाटा फीड करते ही अपने आप जीओ टैग भी जाएगा। गोरखपुर जिले में 1355 ग्राम पंचायत है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीएससी स्थापित है।

कार्यशाला में अपर संख्या अधिकारी विनोद मणि त्रिपाठी, विजय जायसवाल, राजेंद्र यादव, सुषमा श्रीवास्तव, हरिशंकर सिंह, वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी आरके वर्मा, जिला प्रबंधक सीएससी विकास कुमार, क्लस्टर कोऑर्डिनेटर सीएससी अश्विनी शुक्ला, जिला प्रबंधक सीएससी अंशुल यादव, जिला समन्वयक सीएससी विनित श्रीवास्तव समेत 120 सुपरवाइजर ने हिस्सा लिया।

असंगठित क्षेत्र के उद्यमियों की पहचान उद्देश्य

इस आर्थिक गणना के माध्यम से यह चिन्हित करना है कि शहर या ग्रामीण क्षेत्र में असंगठित उद्यम संबंधित गतिविधियां करने वाले कितने लोग हैं। वे किस तरह का उद्यम कर रहे। उस उद्यम से उन्हें सालाना कितनी आय हो जाती है।

सुपरवाइजर और गणनाकार को लाभ

गणना कार्य के लिए सुपरवाइजर और गणनाकार को गणना कार्य की राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक एकाऊंट में किया जाएगा। रेजिडेंसियल हाऊस होल्ड के लिए सुपरवाइजर को 3 रुपये और गणनाकार को 10 रुपये मिलेंगे। रेजिडेंशियल कम कामर्शियल के लिए क्रमश 4.50 पैसे और 16 रुपये और कामर्शिलय के लिए क्रमश: 6 रुपये और 20 रुपये मिलेंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Seventh financial counting will be done by Mobile Ap