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स्ववित्तपोषित कॉलेजों ने रखी स्वकेन्द्रीय परीक्षा कराने की मांग

स्ववित्तपोषित कॉलेजों ने रखी स्वकेन्द्रीय परीक्षा कराने की मांग

स्ववित्त पोषित महाविद्यालय प्रबन्धक महासभा ने गुरुवार को विवि प्रशासन से स्वकेन्द्रीय परीक्षा कराने मांग की। इसके अलावा सर्वसम्मति से तय तीन अन्य मांगों पर भी विवि प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि अगले सत्र से विवि यदि संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराता है तो स्ववित्तपोषित कॉलेज इससे बाहर रहेंगे। महासभा के मांग पत्र पर प्रति कुलपति व परीक्षा नियंत्रक ने कुलपति से वार्ता के बाद मांगों पर उचित निर्णय लिया जाएगा।

महासभा ने गुरुवार को गोरखपुर क्लब के सभागार में बैठक की। इसमें उपस्थित गोरखपुर, देवरिया एवं कुशीनगर के महाविद्यालयों के प्रबन्धक एवं प्राचार्यों ने चार मांगें रखीं। स्ववित्तपोषित कॉलेजों का परीक्षा केन्द्र दूसरे कॉलेजों को बनाए जाने पर विद्यार्थियों को हो रही असुविधाओं पर चर्चा की गई। महासभा के अध्यक्ष श्रीप्रकाश पांडेय व महामंत्री डॉ. सुधीर राय ने कहा कि परीक्षा के विद्यार्थी का केन्द्र बदलना मानसिक उत्पीड़न एवं मानसिक परेशानी का कारण बनता है। सीसीटीवी, वायस रिकार्डर आदि तकनीकी व्यवस्थाओं के रहते हुए नकल की संभावना दूर-दूर तक नहीं रह जाती। वहीं राजकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के केन्द्र नहीं बदले जाते, जिससे आम जन मानस के बीच स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

बैठक में उड़ाका दल के क्रिया कलापों पर भी चर्चा हुई और विश्वविद्यालय से मांग की गयी कि परीक्षा के दौरान यदि उड़ाका दल किसी महाविद्यालय में सामूहिक नकल के आरोप की शिकायत करता है तो विश्वविद्यालय उक्त शिकायत को एक हाई पावर स्क्रीनिंग कमेटी के जरिए महाविद्यालय का पक्ष जानने के बाद ही कोई निर्णय ले। बैठक के बाद सभी प्रबंधक गण पदयात्रा करते हुए कुलपति कार्यालय कुलपति से वार्ता करने पहुंचे। कुलपति की अनुपस्थिति में प्रतिकुलपति प्रो. एसके दीक्षित एवं परीक्षा नियन्त्रक अमरेन्द्र सिंह से वार्ता हुई। अधिकारीद्वय ने महासभा को आश्वासन दिया कि कुलपति तक मांगें पहुंचा दी जाएंगी। इस पर विचार कर नियमानसार उचित निर्णय लिया जायेगा।

साझा प्रवेश परीक्षा के बहिष्कार का एलान

बैठक में साझा प्रवेश परीक्षा की असफलता पर विस्तार से चर्चा हुई। कहा गया कि वर्ष 2018 में प्रबंधक महासभा ने साझा प्रवेश परीक्षा का न तो विरोध किया और न ही समर्थन किया। विश्वविद्यालय एक नयी व्यवस्था ला रही थी, जिसके सफलता-असफलता का हम लोगों को काई अनुमान नहीं था। अब स्पष्ट हो चुका है कि विश्वविद्यालय की यह साझा प्रवेश परीक्षा पूर्णतया असफल सिद्ध हुई है। ऐसे में इसे आगे जारी रखना औचित्यहीन है। यदि विश्वविद्यालय इसे जारी रखता है तो सभी स्ववित्त पोषित महाविद्यालय साझा प्रवेश परीक्षा का बहिष्कार करेंगे और सत्र 2019-20 में सीधे प्रवेश लेंगे।

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  • Web Title:Self financed college demands for home examination in Gorakhpur