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मछली के लिए प्रसिद्ध पनियहवा में एसडीएम ने की छापेमारी, लिया मछलियों का नमूना

कुशीनगर के खड्डा एसडीएम अरविंद कुमार ने जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी के साथ खड्डा क्षेत्र मछली के लिए प्रसिद्ध पनियहवा चौराहे पर स्थित एक थोक मछली विक्रेता की दुकान पर छापेमारी की। यहां आंध्र प्रदेश से लाई गई बैखरी मछली व गोडरा झींगा का नमूना लिया गया। एसडीएम की इस कार्रवाई से अन्य मछली विक्रेताओं में हड़कंप मचा रहा।

आंध्र प्रदेश से आने वाली मछलियों से कैंसर होने के खतरों को देखते हुए बिहार सरकार ने बाहर से आने वाली मछलियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसकी जानकारी होने पर डीएम डा. अनिल कुमार सिंह ने खड्डा एसडीएम अरविंद कुमार सहित जिले के अन्य एसडीएम को इसकी जांच करने का निर्देश दिये। इसी के अनुपालन में मंगलवार को एसडीएम खाद्य सुरक्षा अधिकारी के साथ पनियहवा चौराहे पर एक मछली की थोक दुकान पर छापेमारी की। इस दौरान बड़े-बड़े थर्माकोल के जार में बर्फ के बीच रखी केमिकल युक्त बैखरी मछली, पंपलेट व गोडरा (झींगा) का चार-चार नमूना जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी सच्चिदानंद ने अपने कब्जे में लिया। 

उन्होंने बताया कि एसडीएम की सूचना पर कार्रवाई हुई है। इन मछलियों को सड़ने से बचाने के लिए फार्मिलिन केमिकल का लेप लगाये जाने का संदेह है। क्योंकि फार्मिलिन शव को सुरक्षित रखने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इन मछलियों में केमिकल का प्रयोग मानव स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। सैंपल में केमिकल की पुष्टि हुई तो दस वर्ष की सजा के साथ दस लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।

इसी के अनुपालन में मंगलवार को एसडीएम खाद्य सुरक्षा अधिकारी के साथ पनियहवा चौराहे पर एक मछली की थोक दुकान पर छापेमारी की। इस दौरान बड़े-बड़े थर्माकोल के जार में बर्फ के बीच रखी केमिकल युक्त बैखरी मछली, पंपलेट व गोडरा (झींगा) का चार-चार नमूना जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी सच्चिदानंद ने अपने कब्जे में लिया। 

उन्होंने बताया कि एसडीएम की सूचना पर कार्रवाई हुई है। इन मछलियों को सड़ने से बचाने के लिए फार्मिलिन केमिकल का लेप लगाये जाने का संदेह है। क्योंकि फार्मिलिन शव को सुरक्षित रखने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इन मछलियों में केमिकल का प्रयोग मानव स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। सैंपल में केमिकल की पुष्टि हुई तो दस वर्ष की सजा के साथ दस लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।
 

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  • Web Title:SDM raid in Panihwa took fish sample in Kushinagar