Gorakhpur News: रामगढ़झील में लेजर तकनीक से होगी जेटी की निगरानी
Gorakhpur News: फोटो कैप्शन: रामगढ़झील में जेटी से रस्सियों के सहारे बंधा लेक क्विन क्रूज जांच

Gorakhpur News: गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। सुरक्षा जांच में रामगढ़झील की जेटी के दो पिलर कमजोर मिलने के बाद जीडीए मानक तय करने की कवायद में जुट गया है। इसके तहत जेटी की निगरानी लिडार (लेजर) बेस्ड स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम से की जाएगी। यह तकनीक संरचना में मामूली झुकाव, कंपन, दरार या किसी भी तरह के खतरे का रियल टाइम में पता लगा कर संबंधित अधिकारियों को तत्काल अलर्ट भेजेगी। जरूरत पड़ने पर मौके पर सायरन भी बजेगा।
जेटी की मरम्मत और निगरानी
प्राधिकरण का मानना है कि 39 साल पुरानी जेटी के 90 पिलर में सीढ़ियों के पास के सिर्फ दो पिलर क्षतिग्रस्त हैं। शेष दुरुस्त हैं। ऐसे में जेटी को तत्काल तोड़ने के बजाए उसकी मरम्मत पर ध्यान दिया जाए। इसके अलावा निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाए।
लिडार बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम
लिडार बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत लेजर बीम से जेटी का लगातार थ्री-डी स्कैन तैयार होगा। सेंसर प्रति सेकंड हजारों लेजर पल्स छोड़कर संरचना के प्रत्येक हिस्से का सूक्ष्म विश्लेषण करेगा। किसी भी हिस्से में मिलीमीटर स्तर तक झुकाव, कंपन, दरार या विस्थापन होने पर सिस्टम तत्काल उसकी पहचान कर लेगा। बता दें, रामगढ़झील की जेटी पर हर दिन चार से पांच हजार दर्शक पहुंचते हैं।
पिलरों पर भार स्थानांतरण
पांच पिलर पर शिफ्ट हुआ लेक क्वीन क्रूज का भार
जेटी की संरचनात्मक सुरक्षा जांच में सामने आई खामियों के बाद 200 टन वजनी लेक क्वीन क्रूज एवं 10 टन के उसके प्लेटफार्म का भार अब दो के बजाय जेटी के पांच पिलरों पर शिफ्ट किया गया है। पहले क्रूज को केवल दो पिलरों से एंकर किया जाता था, जांच में यही दोनों पिलर कमजोर मिले।
लिडार बेस्ड स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग तकनीक से जेटी की लगातार और सटीक निगरानी की जाएगी। कार्ययोजना तैयार कर जल्द अनुपालन कराया जाएगा।
अभिनव गोपाल, उपाध्यक्ष, जीडीए
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