Gorakhpur News: रामगढ़झील जेटी के पांच पिलरों पर शिफ्ट हुआ लेक क्वीन क्रूज का भार

हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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Gorakhpur News: गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रामगढ़झील की जेटी की सुरक्षा जांच के बाद, गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने क्रूज का भार पांच पिलरों पर शिफ्ट कर दिया है। तकनीकी जांच में जेटी के दो पिलरों की संरचनात्मक कमजोरी सामने आई। अब मरम्मत और नई जेटी के निर्माण के विकल्पों पर विचार चल रहा है।

Gorakhpur News: रामगढ़झील जेटी के पांच पिलरों पर शिफ्ट हुआ लेक क्वीन क्रूज का भार

Gorakhpur News: गोरखपुर, राजीव दत्त पाण्डेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कराई गई रामगढ़झील की जेटी की संरचनात्मक सुरक्षा जांच में सामने आई खामियों के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने एहतियाती कदम उठाते हुए 200 टन वजनी लेक क्वीन क्रूज का भार अब दो के बजाय जेटी के पांच पिलरों पर शिफ्ट कर दिया है। पहले क्रूज को केवल दो पिलरों से एंकर किया जाता था, जबकि जांच में यही दोनों पिलर कमजोर पाए गए हैं। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद प्राधिकरण अब पिलरों की मरम्मत, क्रूज के लिए अलग एंकरिंग पिलर और नई जेटी के निर्माण जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है।

जेटी की इतिहास

39 वर्ष पुरानी इस जेटी का निर्माण वर्ष 1987 में पर्यटन विभाग ने कराया था। हाल ही में कराई गई तकनीकी जांच में सामने आया कि जेटी का अधिकांश ढांचा एम-40 ग्रेड कंक्रीट का होने के कारण अभी भी मजबूत स्थिति में है, लेकिन जिन दो पिलरों का उपयोग क्रूज को बांधने के लिए किया जा रहा था, उनमें संरचनात्मक कमजोरी आ गई है। जांच में यह भी सामने आया कि क्रूज संचालन के दौरान इन्हीं पिलरों को एंकर के रूप में इस्तेमाल किए जाने से उन पर लगातार अतिरिक्त दबाव पड़ता रहा।

इंतज़ाम की समस्याएँ

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जीडीए ने तत्काल एहतियात बरतते हुए क्रूज की रस्सियों का भार पांच पिलरों में वितरित कर दिया है, ताकि किसी एक या दो पिलरों पर अत्यधिक दबाव न पड़े। साथ ही तकनीकी विशेषज्ञ यह भी आकलन कर रहे हैं कि कमजोर पिलरों की मरम्मत सुरक्षित होगी या उनके स्थान पर नई व्यवस्था विकसित करनी होगी।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल दो पिलरों की मरम्मत करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इससे जेटी के शेष मजबूत ढांचे पर भी असर पड़ने की आशंका है। इसी वजह से नई जेटी के निर्माण का विकल्प भी गंभीरता से विचाराधीन है। इसके साथ ही क्रूज को झील में अलग एंकर डालकर खड़ा करने और यात्रियों के आवागमन के लिए फ्लोटिंग जेटी के इस्तेमाल का सुझाव भी है। जिससे पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुए बिना सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सामान्य प्रश्न

रामगढ़झील की जेटी की सुरक्षा जांच क्‍यों कराई गई?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रामगढ़झील की जेटी की सुरक्षा जांच कराई गई।
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