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कूटरचित दानपत्र में रुद्रांश का पिता अष्टभुजा बना आरोपित

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता कूटरचित पेपर तैयार कर 4.45 करोड़ रुपये का लोन लेने...

कूटरचित दानपत्र में रुद्रांश का पिता अष्टभुजा बना आरोपित
हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरSat, 24 Feb 2024 02:00 AM
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गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता
कूटरचित पेपर तैयार कर 4.45 करोड़ रुपये का लोन लेने के मामले में रुद्रांश के पिता को एक मामले में नामजद किया गया है। जिस जमीन पर लोन लिया गया है। उसके असली मालिक ने अज्ञात लोगों पर फर्जी तरीके से अपना नाम इस्तेमाल कर अष्टभुजा नामक व्यक्ति को दानपत्र देने के मामले में केस दर्ज कराया था।

इस मामले में पुलिस की जांच में पता चला कि रुद्रांश ने शशिभूषण बनकर जिस भूमि को बैनामा किया था, उसकी खारिज-दाखिल रुकने पर उसने अपने पिता को उसी जमीन को फर्जी तरीके से दानपत्र कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में अब अष्टभुजा को नामजद कर दिया। वहीं इससे पहले शशिभूषण ने रुद्रांश और उसके अज्ञात साथियों पर भी केस दर्ज कराया था। रुद्रांश जेल में है जबकि अष्टभुजा और उसकी पत्नी फरार है। पुलिस को दोनों की तलाश है।

गोरखनाथ थाना क्षेत्र के राजेन्द्र नगर कालोनी निवासी शशिभूषण ने चिलुआताल पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि उनकी जमीन जंगल नकहा नम्बर एक में खाता संख्या 01467 के आराजी संख्या 348 थी। उन्होंने अपनी जमीन की प्लॉटिग करके पूर्व में ही बेच दिया है। इस बीच कुछ लोगों से पता चला कि किसी फर्जी व्यक्ति ने उनके नाम का प्रयोग करते हुए उक्त आराजी को किसी अष्टभुजा पुत्र रामसरन निवासी बस्ती खास, श्रीराम कालोनी निकट कैली हॉस्पिटल जिला बस्ती के नाम पंजीकृत दान कर दिया है। यह दानपत्र 24 सितम्बर 2022 को दर्ज कराया गया है।

शशिभूषण ने बताया कि यह पूरी तरह से फर्जी है। उन्होंने आराजी संख्या 348 को दान किया ही नहीं है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। चिलुआताल पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों से जालसाजी करने के मामले में अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में पता चला कि इस भूमि को रुद्रांश ने जालसाजी करके बैनामा कर दिया था। लेकिन, दस्तावेज में खामी होने पर तहसील से खारिज-दाखिल नहीं हो पाया। अपने साथियों की मदद से इसी भूमि को रुद्रांश ने एक माह बाद अपने पिता को दान करने के साथ ही दाखिल-खारिज करा लिया।

दूसरे की भूमि बैनामा करने के मामले में चिलुआताल पुलिस ने रुद्रांश व उसके अज्ञात सहयोगियों के ​खिलाफ पहले ही कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज किया था। भूमि दान करने के मामले में दर्ज केस में अब उसके पिता को नामजद कर दिया है। उधर, पुलिस ने रुद्रांश के चार बैंक खातों को भी सीज करा दिया है।

पिता पर इनाम घोषित करने की तैयारी

केस दर्ज होने के बाद से ही रुद्रांश के पिता व मां फरार हैं। चालक रियाज को पुलिस ने हिरासत में लिया लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ दिया। जालसाजी में सहयोग करने वाले आईसीआईसीआई बैंक व तहसील के कर्मचारियों के भूमिका की अभी तक केवल जांच चल रही है। अब पुलिस पिता पर इनाम करने की भी तैयारी में है। वह लंबे समय से फरार चल रहा है।

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