DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एनआईवी रिपोर्ट से खुलासा, इंसेफेलाइटिस की वजह स्क्रब टॉयफस नहीं

एनआईवी रिपोर्ट से खुलासा, इंसेफेलाइटिस की वजह स्क्रब टॉयफस नहीं

पूर्वी यूपी में ऑफ सीजन में इंसेफेलाइटिस के प्रकोप के लिए स्क्रब टॉयफस जिम्मेदार नहीं है। बीआरडी मेडिकल कालेज में इस वर्ष अब तक भर्ती 80 मरीजों में से सिर्फ एक में स्क्रब टॉयफस की पुष्टि हुई है। एनआईवी की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ।

बीआरडी मेडिकल कालेज में इस साल जनवरी से अब तक इंसेफेलाइटिस से पीड़ित 90 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 80 मरीजों के खून और रीढ़ के पानी (सीरम) का नमूना जांच के लिए एनआईवी भेजा गया। हाल ही में एनआईवी ने रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एनआईवी की जांच में सिर्फ एक मरीजों में ही स्क्रब टॉयफस की तस्दीक हुई। एक अन्य की जांच में शोधकर्ता ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सके। दोनों ही मरीज गोरखपुर के हैं। एनआईवी की जांच में 78 मरीजों में स्क्रब टॉयफस नहीं मिला है।

वर्ष 2017 में 60 फीसदी मरीजों में मिला था स्क्रब टॉयफस : वर्ष 2017 में इंसेफेलाइटिस के 60 फीसदी मरीजों में स्क्रब टॉयफस की पुष्टि हुई। इसके बाद तो आईसीएमआर और बीआरडी के डॉक्टरों ने इंसेफेलाइटिस के लिए स्क्रब टॉयफस को ही मुख्य कारण बता दिया। वर्ष 2018 में इसमें गिरावट हुई। करीब 40 फीसदी मरीजों में स्क्रब टॉयफस की तस्दीक हुई। शासन ने भी पूर्वांचल के सभी अस्पतालों में एएईएस के मरीजों को अनिवार्य रूप से एंटीबायोटिक डॉक्सीसायक्लीन या एजिथ्रोमाईसीन देने का निर्देश दिया।

बॉक्स

बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है स्क्रब टॉयफस

यह बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है। यह बैक्टीरिया एक खास प्रकार के कीड़े के लार में होता है। यह कीड़ा बड़े घास के मैदान, चूहों या गिलहरियों के शरीर में रहता है। इसे चिल्लर भी कहते हैं। यह कीड़ा जब छोटे बच्चों को काटता है तो लार के जरिए बैक्टीरिया बच्चों के खून में मिल जाता है।

बॉक्स

यह है लक्षण

इसमें बच्चों में बुखार तेज होता है। बुखार सात से 14 दिन तक रहता है। सिर व मांसपेशियों में दर्द होने के साथ शरीर पर दाने निकल जाते हैं। कुछ मामलों में मरीज को झटका भी आता है। बीमारी बढ़ने पर मरीज के शरीर में महत्वपूर्ण अंग के काम पर भी असर डालता है। इससे मरीज की मौत भी हो सकती है।

वर्जन

पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस की मुख्य वजह स्क्रब टॉयफस नहीं है। सामान्य जनता की जांच की जाए तो पांच फीसदी में स्क्रब टॉयफस मिलेगा। स्क्रब टॉयफस न तो बच्चों को इतने बड़े पैमाने पर होता है और न ही इतनी मृत्यु दर होती है। इस थ्योरी को जनता और सरकार को भ्रमित करने के लिए पेश किया गया। स्क्रब टॉयफस का सटीक इलाज मौजूद है।

डॉ. आरएन सिंह, चीफ कैंपेनर, इंसेफेलाइटिस उन्मूलन कार्यक्रम

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Revealed from the NIV report the cause of encephalitis is not scrub toyfus