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पीएम आवास के 578 लाभार्थियों पर आरसी की तलवार

गोरखपुर। मुख्य संवाददाता प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के नगर निगम क्षेत्र एवं 11 नगर...

पीएम आवास के 578 लाभार्थियों पर आरसी की तलवार
हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरThu, 22 Feb 2024 11:00 AM
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गोरखपुर। मुख्य संवाददाता
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के नगर निगम क्षेत्र एवं 11 नगर पंचायतों में कुल 50420 आवास स्वीकृत हैं। 41751 लाभार्थियों (82.81 फीसदी) ने आवास का निर्माण पूरा कर लिया है। लेकिन शेष लाभार्थी कई बार की चेतावनी के बाद आवास पूरा नहीं कर रहे हैं। ऐसे 578 लाभार्थियों रिकवरी की तलवार लटक चुकी है। इनमें से 225 लाभार्थियों का रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) बोर्ड ऑफ रेवेन्यू पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया है जबकि 353 लाभार्थियों पर रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) की कार्यवाही विभाग स्तर पर होनी है।

परियोजना अधिकारी डूडा विकास सिंह ने बताया कि इसके अतिरिक्त लगभग 200 अन्य लाभार्थी नगर निगमएवं नगर पंचायत क्षेत्र में ऐसे हैं जिन्होंने लम्बे समय से आवास का निर्माण कार्य रोक रखा है। बार-बार चेतावनी के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे सभी लाभार्थियों से अपील है कि मिले अनुदान धनराशि के सापेक्ष अपने आवास का निर्माण शीघ्र पूर्ण करा लें। अन्यथा उनके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

परियोजना अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक लाभार्थी मानक के अनुरूप पीएम आवास का निर्माण करा रहे तो उन्हें क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय किस्त के रूप में 50 हजार, 1.50 लाख और 50 हजार रुपये की किस्तें शीघ्रता से दी जा रही हैं। लेकिन नगर निगम क्षेत्र एवं कुछ नगर पंचायत में ऐसे लाभार्थी हैं जिन्होंने अनुदान राशि लेने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया। विभाग एवं जिलाधिकारी स्तर से नोटिस दिया गया लेकिन पुरानी डीपीआर के लाभार्थी वर्षों बाद भी आवास का निर्माण नहीं कर रहे हैं।

डीपीआर से उनका नाम हटाने और नियमानुसार सरकारी धन की रिकवरी करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। ऐसे लाभार्थियों का नाम नगर निगम और नगर पंचायत बोर्ड पर चस्पा किया गया है।

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पीएम आवास योजना के सभी लाभार्थियों से अपील है कि किस्तों के मुताबिक अपने भवन का निर्माण यथाशीघ्र पूरा करें। अन्यथा उन्हें भुगतान की धनराशि लौटानी पड़ेगी। इसके उसके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

- विकास सिंह, परियोजना अधिकारी, गोरखपुर

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