खैर के साथ गुजरा 15वां रोजा, मांग रहे गुनाहों की माफी
Gorakhpur News - गोरखपुर में रमजान के दौरान मगफिरत का अशरा चल रहा है, जहाँ लोग इबादत कर गुनाहों की माफी मांग रहे हैं। मस्जिदों में नमाजियों की कतारें हैं और दीनी किताबों का स्टॉल भी लगाया गया है। तरावीह नमाज के दौरान कई हाफिजों ने कुरआन-ए-पाक मुकम्मल किया।

गोरखपुर, निज संवाददाता रमजान पर मगफिरत यानी गुनाहों से माफी का अशरा चल रहा है। अल्लाह के बंदे इबादत कर रो-रो कर अपने गुनाहों की माफी मांग रहे हैं। अल्लाह के फजल व करम से 15वां रोजा खैर के साथ गुजर गया। अल्लाह के बंदे सदका, जकात व खैरात जरुरतमंदों तक पहुंचा रहे हैं।मस्जिदों में नमाजियों की कतारें नजर आ रही हैं। घरों में भी इबादत का दौर जारी है। सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में तरावीह नमाज के दौरान एक कुरआन-ए-पाक हाफिज रहमत अली निजामी ने मुकम्मल कर लिया। उन्हें तोहफों से नवाजा गया। नमाजियों का स्वागत गुलाब के फूलों से किया गया।हुसैनी
जामा मस्जिद बड़गो में हाफिज आरिफ रजा व नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में कारी सफीउल्लाह ने तरावीह नमाज में एक कुरआन-ए-पाक मुकम्मल किया। कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि रमजान की फजीलतों की फेहरिस्त बहुत लम्बी है, मगर उसका बुनियादी सबक यह है कि हम सभी उस दर्द को समझें जिससे दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा रोजाना दो-चार होती है। जब हमें खुद भूख लगती है तभी हमें गरीबों की भूख का एहसास हो सकता है।दीनी किताबों का लगाया स्टालरमजान पर अल कलम एसोसिएशन की ओर से 'किताबें बुला रही हैं' नाम से दीनी किताबों का स्टॉल लगाने की पहल सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में की गई है, ताकि अवाम का ताल्लुक किताबों से मजबूत किया जा सके। तरावीह नमाज के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने दीनी किताबों के प्रति रूची दिखाई। स्टॉल लगाने में संयोजक मुजफ्फर हसनैन रूमी, कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी, हाफिज रहमत अली निजामी, आसिफ महमूद, हस्सान, शाबान, अब्दुस्समद, सफियान, जीशान, जावेद, रूशान, शहनवाज आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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