
22 साल बाद सर्दियों में पड़ेगा माह-ए-रमजान
Gorakhpur News - गोरखपुर में इस बार रमजान, 22 साल बाद सर्दियों में आ रहा है। चांद के दीदार के साथ 19 या 20 फरवरी से शुरू होगा। पहले रोजे की अवधि 12 घंटे 51 मिनट और अंतिम रोजे की 13 घंटे 37 मिनट होगी। रमजान का यह मौसम अगले 11 साल तक जारी रहेगा।
गोरखपुर, निज संवाददाता। इस बार रमजान, रोजेदारों के लिए राहत भरा रहने वाला है। पवित्र माह-ए-रमजान 22 साल बाद सर्दियों के मौसम में पड़ रहा है। इस बार चांद के दीदार के साथ 19 या 20 फरवरी से पवित्र माह-ए-रमजान शुरु होगा। 2004 के बाद पहली बार रमजान गुलाबी ठंडक में पड़ रहा है। अबकी बार पहला रोजा सबसे छोटो करीब 12 घंटा 51 मिनट का, आखिरी रोजा सबसे बड़ा 13 घंटा 37 मिनट का होगा। इस्लामी मामलों के जानकार कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने बताया कि इस्लामिक कैलेंडर का हर माह 29 या 30 दिनों का होता है। ईस्वी कैलेंडर के मुकाबले इसमें हर साल 10 से 12 दिन का अंतर आ जाता है।
इसी कारण रमजान हर साल अलग मौसम में आता है और करीब 33 साल में एक मौसमी चक्र पूरा करता है। इस साल करीब 22 साल बाद गुलाबी सर्दी में रमजान का आगाज हो रहा है। यह सिलसिला अगले 11 साल तक या 2036 तक रहेगा। इस बार रमजान राहत भरा रहेगा सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने बताया कि इससे पहले माह-ए-रमजान के रोजे 2004 में अक्टूबर और नवम्बर के बीच गुलाबी सर्दी में हुए थे। पिछले 2005 से 2025 तक अक्टूबर से मार्च के बीच गर्मी और बरसात में गुजरा। अब फिर रमजान गुलाबी ठंडक में पड़ रहा है। शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने बताया कि 18 फरवरी को माह-ए-शाबान की 29 तारीख को अगर चांद नजर आ गया तो 19 फरवरी से रमजान शुरू हो जाएगा अन्यथा 20 फरवरी से रमजान शुरु होगा। मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी ने बताया कि रमजान का पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत, तीसरा जहन्नम से आजादी का है। इसमें रहमत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और जहन्नम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। मरकजी मदीना जामा मस्जिद रेती के इमाम मुफ्ती मेराज अहमद कादरी ने कहा कि लोगों को माह-ए-रमजान में अपने अंदर के गुस्से को निकाल देना चाहिए। यह एक तरह से प्रशिक्षण का माह होता है।

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