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2 अगस्त, 2020|4:30|IST

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रक्षाबंधन कल, बहनें भद्रा में न बांधें राखी

रक्षाबंधन कल, बहनें भद्रा में न बांधें राखी

भाई बहन के प्यार और एक दूसरे की शुभकामना देने का त्योहार रक्षाबंधन सोमवार को सुबह मनाया जाएगा। ज्योतिर्तिद नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाए जाने वाले इस त्योहार में बहन भाई को रक्षा सूत्र बांध लम्बी उम्र की कामना करती है तो भाई कठिन से कठिन परिस्थियों में भी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। राखी बांधते समय भद्रा काल न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाता है।

शास्त्रों में राहुकाल और भद्रा के समय शुभ की मनाही है। धार्मिक मान्यता है भद्रा में लंकापति रावण ने अपनी बहन से भद्रा में राखी बंधवाई। और एक साल के अंदर उसका विनाश हो गया। इसलिए इस समय को छोड़कर ही बहनें अपने भाई के राखी बांधती हैं। वहीं यह भी कहा जाता है कि भद्रा शनि महाराज की बहन है। उन्हें ब्रह्माजी जी ने शाप दिया था कि जो भी व्यक्ति भद्रा में शुभ काम करेगा, उसका परिणाम अशुभ ही होगा। इसके अलावा राहुकाल में भी राखी नहीं बांधी जाती।

ज्योतषाचार्य जितेंद्र नाथ पाठक ने बताया कि अधिकतर रक्षा बंधन के पर्व पर भद्रा की साया रहती है लेकिन इस वर्ष भद्रा सुबह दिन में 08:30 तक ही रहेगी। इसके बाद 9 बजे तक राहु काल रहेगा। इसलिए इस समय के बाद राखी बांधी जा सकती है। दोपहर 2 से शाम 7 बजे के बीच लगातार चर लाभ और अमृत के तीन शुभ चौघड़िया मुहूर्त होंगे। इसलिए दोपहर 2 से शाम 7 बजे के बीच का पूरा समय भी राखी बांधने के लिए शुभ होगा।

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  • Web Title:Rakshabandhan tomorrow sisters should not tie Rakhi in Bhadra