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हार्ड ड्यूटी और जोखिम भत्ता कटने से गुस्‍से हैं रेलकर्मी

हार्ड ड्यूटी और जोखिम भत्ता कटने से गुस्‍से हैं  रेलकर्मी

हार्ड ड्यूटी और जोखिम भत्ता काटने पर आक्रोशित रेलकर्मियों ने मंगलवार को सीईओ (निर्माण संगठन) कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया। पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन ने धरना देकर निर्माण संगठन पर रेलवे बोर्ड की नीतियों को मनमाने ढंग से तोड़-मरोड़कर लागू करने का आरोप लगाया। पदाधिकारियों ने कहा कि 15 दिन के अंदर रेलवे बोर्ड की सही नीतियों को लागू नहीं किया गया तो यूनियन आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

यूनियन के महामंत्री केएल गुप्त ने कहा कि क्षेत्रीय इकाइयों में रेलवे बोर्ड के आदेश न मान मनमाने ढंग से आदेश लागू किए जा रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके चलते कर्मचारियों में भय और गुस्सा है। यूनियन के संगठन महामंत्री रविंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे बोर्ड के आदेश के क्रम में सभी ट्रैक मेंटेनरों को जून 2018 तक हार्ड ड्यूटी एवं जोखिम भत्ता दिया गया। लेकिन जुलाई से भत्तों की कटौती कर ली गई। बोर्ड के आदेश के बाद भी ट्रैकमैन, गैंगमैन, कीमैन, पर्यवेक्षक आदि संवर्गों का ट्रैक मेंटेनर के रूप में परिवर्तित नहीं किया गया है।

जबकि इन मामलों को समस्त उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से मिलने वाले भत्तों को फिर से बहाल कराने की मांग की। अंत में शाखा मंत्री प्रदीप कुमार गुप्त के नेतृत्व में मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। अध्यक्षता राम नरेश विश्वकर्मा ने की। इस मौके पर डीके श्रीवास्तव, एके गौड़, रमेश चंद्र श्रीवास्तव, यूपी सिंह, पीपी गुप्ता, वकील चंद्र श्रीवास्तव, बुद्धि राम आदि पदाधिकारी मौजूद थे।

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  • Web Title:Railway employees are in angre due to cutting in hard duty and risk fund