बीआरडी में एमबीबीएस छात्रों से रैगिंग, एनएमसी ने दिए जांच के आदेश

हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया है। शिकायत में 2022-24 बैच के सीनियर छात्रों पर आरोप हैं कि वे जूनियर्स को अपमानित करते हैं। एनएमसी ने कॉलेज प्रशासन को जांच के आदेश दिए हैं। कुछ सीनियर छात्रों ने जूनियर्स को धमकी भी दी है।

बीआरडी में एमबीबीएस छात्रों से रैगिंग, एनएमसी ने दिए जांच के आदेश

गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों से रैगिंग का मामला फिर से उजागर हुआ है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) को ईमेल से भेजी गई शिकायत में 2022, 2023 और 2024 बैच के करीब डेढ़ दर्जन सीनियर छात्रों पर रैगिंग के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत की कॉपी यूजीसी को भी भेजी गई है। शिकायत मिलने के बाद एनएमसी ने कालेज प्रशासन को जांच कर आरेापियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। प्राचार्य ने इस मामले में मंगलवार को एंटी रैंगिंग कमेटी की बैठक की। एनएमसी को भेजी शिकायत में कहा गया है कि कॉलेज के राजेंद्र हॉस्टल में एमबीबीएस 2025 बैच के छात्र रहते हैं। प्रथम वर्ष के छात्र लगातार रैंगिंग का शिकार हो रहे हैं। आरोप है कि सीनियर छात्र आए दिन हॉस्टल में एंट्री करते हैं। वे जूनियर छात्रों को अपमानजनक शब्द, गाली-गलौज, सेक्सुअल संवाद और फिजिकल पोजिशन में घंटों खड़ा रखते हैं। शिकायती ईमेल में डेढ़ दर्जन सीनियर छात्रों के नाम लिखे हुए हैं。

छह छात्रों पर पहले हुई कार्रवाई

बताया जाता है कि एनएमसी द्वारा बीआरडी को बीते 23 मई को ईमेल भेज कर इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ईमेल में जिन सीनियर छात्रों के नाम लिखे गए हैं, उनमें से छह पर पहले भी रैगिंग के मामले दर्ज हो चुके हैं। आरोपी सीनियर छात्रों ने वर्ष 2025 बैच के कुछ छात्रों से रैंगिंग की थी। उसकी सीसी फुटेज कालेज प्रशासन के पास मौजूद है। करीब सात माह पूर्व कुछ सीनियर छात्रों को दोषी मानते हुए उन पर जुर्माना भी लगाया गया था। वह कार्रवाई भी इस बार रैगिंग रोकने में नाकाम दिखी है। उन्हीं छात्रों पर एक बार फिर से रैंगिंग करने का आरोप लगा है।

एंटी रैंगिंग कमेटी ने की बैठक

प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को एंटी रैंगिंग कमेटी की बैठक की। इस बैठक में प्राचार्य के अलावा डॉ. सुनील आर्या, डॉ. पवन प्रधान, डॉ. बिन्दू सिंह, डॉ. मनोज यादव, डॉ. राजकुमार यादव मौजूद रहे। हालांकि इस कमेटी में शामिल बाहरी सदस्यों को आमंत्रित नहीं किया गया। कमेटी की बैठक में सिर्फ कालेज के शिक्षकों को ही बुलाया गया। कालेज प्रशासन द्वारा बताया गया कि समिति की पहली बैठक मंगलवार को हुई। एनएमसी के पत्र के साथ छात्रों की शिकायत समिति के पास रखी गई। बैठक के बाद से ही कॉलेज प्रशासन द्वारा जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राचार्य ने कहा है कि नियमों के अनुसार सत्यापन कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी छात्र हुए सक्रिय

शिकायत सार्वजनिक होने के बाद सीनियर छात्र सक्रिय हो गए। जानकारी है कि कुछ सीनियर छात्रों ने परिचितों के जरिए प्रथम वर्ष के छात्रों को फोन कर शिकायत वापस लेने की धमकी दी। सीनियरों ने धमकी दी कि यह मामला बढ़ेगा तो जूनियरों का कॅरियर प्रभावित होगा। धमकियों के कारण कई जूनियर छात्र डरे हुए बताए जा रहे हैं। मंगलवार को प्रथम वर्ष के कुछ छात्र समूह बनाकर प्राचार्य से मिले। उन्होंने लिखित पत्र देकर बताया कि शिकायत उनके द्वारा नहीं की गई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला कब उजागर हुआ?
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों से रैगिंग का मामला फिर से उजागर हुआ है।
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