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गोरखपुरनिजी अस्पतालों ने तीमारादारों से कहा, आप करिए आक्सीजन की व्यवस्था

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Fri, 23 Apr 2021 03:32 AM
निजी अस्पतालों ने तीमारादारों से कहा, आप करिए आक्सीजन की व्यवस्था

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

ऑक्सीजन का संकट जिले के निजी अस्पतालों में गहराने लगा है। प्रशासनिक दावों के उलट लगभग हर अस्पताल मरीजों के परिजनों से कह रहा है कि उनके यहां न तो बेड है और न ही ऑक्सीजन। बेड मिल भी जाए तो ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कुछ अस्पताल संचालकों ने 100 सिलेण्डर की डिमांड पर महज 10 से 12 सिलेण्डर मिलने की बात कही है।

एचएन सिंह चौराहे के पास एक नर्सिंग होम की बात करें तो उसने मरीजों के तीमारदारों से साफ कह दिया है कि उनके यहां ऑक्सीजन नहीं है। मरीज को कहीं और ले जाएं। हमारे स्टॉफ दिन भर आक्सीजन प्लांट में बैठे रहे लेकिन जरूरत के हिसाब से सिलेण्डर मिल ही नहीं रहा है। गोरखनाथ क्षेत्र स्थित एक हॉस्पिटल में आक्सीजन सिलेण्डर के लिए मारामारी हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि दिया कि तीमारदार अब खुद ही ऑक्सीजन सिलेण्डर की व्यवस्था करें, वह पूरी तरह से विफल हैं।

रुस्तमपुर स्थित नर्सिंग होम में 30 बेड हैं और 27 मरीज भर्ती हैं, वहां भी आक्सीजन का संकट है। ग्रामीण क्षेत्र के निजी अस्पतालों की हालत तो और खराब है। आक्सीजन न होने से अस्पताल प्रबंधन मरीजों को भती करने से कतरा रहा है। वहीं तारामण्डल स्थित हॉस्पिटल प्रबंधन की तरफ से जल्द ही ऑक्सीजन की आपूर्ति की गुजारिश की गई है। इन हॉस्पिटलों में कुछ बेड खाली हैं, लेकिन ऑक्सीजन कमी की वजह से मरीज नहीं भेजे जा रहे हैं।

बड़े अस्पतालों के पास ऑक्सीजन का बैकअप

शहर के बड़े अस्पतालों के पास ऑक्सीजन का बैकअप है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज और पनेशिया सुपर स्पेशियालिटी से ऑक्सीजन की कमी की शिकायत अभी तक नहीं मिली है। इन अस्पतालों में कई जगह से ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई जा रही है। ऑक्सीजन का अच्छा बैकअप भी है।

लेवल-2 के अस्पतालों में भी दिक्कत

शहर में एल-2 (जिस हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की व्यवस्था हो) मरीजों के लिए भी ज्यादा बेड नहीं बचे हैं। सबसे ज्यादा 49 बेड टीबी अस्पताल में खाली हैं। टीबी अस्पताल में अव्यवस्था का बोलबाला है। लिहाजा, कोरोना संक्रमित व उनके परिजन टीबी अस्पताल से दूरी बना रहे हैं। जो मरीज भर्ती हैं, वह खुद को डिस्चार्ज कराकर निजी अस्पतालों में जा रहे हैं।

बोले कमिश्नर

जो अस्पताल आक्सीजन की दिक्कत बता रहे हैं वहां सिलेण्डर भेजवाए जा रहे हैं। हमारे अधिकारी दिन रात इसी के लिए लगे हुए हैं। स्थिति अभी नियंत्रण में है।

- जयंत नार्लीकर, कमिश्नर

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