मां-बेटी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने को आज से पॉलीग्राफ टेस्ट
Gorakhpur News - तीन आरोपित सहित छह लोगों को लेकर गाजियाबाद रवाना हुई पुलिस टीमतीन आरोपित सहित छह लोगों को लेकर गाजियाबाद रवाना हुई पुलिस टीम चौरीचौरा में 29 मार्च की

तीन आरोपित सहित छह लोगों को लेकर पुलिस टीम गाजियाबाद रवाना चौरीचौरा में 29 मार्च की रात मां-बेटी की घर में घुसकर हुई थी हत्या मर्डर की गुत्थी सुलझाने को पॉलीग्राफ टेस्ट की मिली है कोर्ट से अनुमति वादी मुकदमा, तीन नामजद आरोपित और दो संदिग्ध की होगी पॉलीग्राफ टेस्ट गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। चौरीचौरा थाना क्षेत्र में नौ महीने पूर्व हुई मां-बेटी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए मंगलवार से पॉलीग्राफ टेस्ट किया जाएगा। पुलिस के आवेदन पर न्यायालय ने इस प्रकरण में पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति दी थी। इसी के तहत छह लोगों को लेकर चौरीचौरा इंस्पेक्टर गाजियाबाद के लिए सोमवार को रवाना हो गए हैं।
संभवत: यह जिले का पहला केस होगा जिसकी गुत्थी सुलझाने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट की मदद ली जा रही है। पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट की प्रक्रिया में तीन नामजद आरोपियों के साथ ही दो संदिग्ध और वादी मुकदमा को शामिल किया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस वैज्ञानिक जांच से मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों और परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी, जिससे विवेचना को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने फॉरेंसिक विभाग की विशेषज्ञ टीम से संपर्क किया और छह जनवरी से पॉलीग्राफ के लिए समय निर्धारित किया है। इस टेस्ट रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल किया जाएगा और उसी के आधार पर आगे की जांच व कार्रवाई की जाएगी। यह थी पूरी घटना 29 मार्च 2025 की देर रात शिवपुर चकदहा गांव में पूनम और उसकी छोटी बेटी अनुष्का की धारदार हथियार (गड़ासा) से निर्मम हत्या कर दी गई थी। दोनों मां-बेटी रात में बरामदे में सो रही थीं। रात करीब 1:30 बजे अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दोनों की मौके पर ही हत्या कर दी थी। घर में मौजूद बड़ी बेटी खुशबू को हमलावरों ने दूसरे कमरे में बंद कर दिया था। खुशबू ने पुलिस को बताया था कि उसने दरवाजे के छेद से हमलावरों को देखा था। उसकी तहरीर पर पुलिस ने गांव के एक परिवार के पिता और उसके दो पुत्रों को नामजद करते हुए दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच में आई चुनौतियां पुलिस ने एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो बाद में समय में चार्जशीट दखिल नहीं होने से जमानत पर बाहर आ गया। इसके बावजूद विवेचना के दौरान पुलिस को आशंका रही कि इस जघन्य हत्याकांड में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच के दौरान 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई और करीब 50 संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले गए। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई, लेकिन ठोस साक्ष्य नहीं मिला। इसी क्रम में पुलिस को छह लोगों की भूमिका संदिग्ध लगी, जिनका पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद पॉलीग्राफ टेस्ट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। छह लोगों का टेस्ट कराने के लिए टीम गाजियाबाद गई है। मंगलवार से टेस्ट होना है। रिपोर्ट के आधार पर विवेचना में आगे की कार्रवाई की जाएगी। ज्ञानेंद्र प्रसाद, एसपी नॉर्थ

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