कोर्ट और पुलिस का वक्त बर्बाद करने वालों की अब खैर नहीं, गोरखपुर में 5 पर केस
Gorakhpur News - गोरखपुर पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश पर झूठी एफआईआर दर्ज कराने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। लूट और दुष्कर्म के फर्जी आरोप लगाने वालों पर पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अब झूठी शिकायत करने वालों पर ही कार्रवाई की जाएगी।

गोरखपुर में पुलिस अब उन लोगों के खिलाफ सख्त हो गई है जो झूठी एफआईआर लिखवाकर पुलिस और कोर्ट का समय बर्बाद करते हैं। पुलिस ने ऐसे लोगों पर पांच नए केस दर्ज किए हैं जिन्होंने लूट और रेप जैसे गंभीर अपराधों की झूठी कहानियां बनाई थीं। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शुरू की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झूठे मुकदमों से निर्दोष लोगों की बदनामी होती है और मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ती है। अब जांच में अगर कोई मामला झूठा निकलता है, तो शिकायत करने वाले पर ही उल्टा केस दर्ज किया जाएगा।
झूठी लूट के मामले
गुलरिहा में एक युवक ने अपने बच्चे का जन्मदिन मनाने के लिए पैसों का इंतजाम करने के मकसद से खुद ही लूट की झूठी साजिश रची। जांच में पोल खुलने पर पुलिस ने उसे और उसके दोस्तों को जेल भेज दिया। वहीं, चिलुआताल में पेट्रोल पंप पर पैसे न देने के लिए गाड़ी मालिक और ड्राइवर ने 54 हजार रुपये की लूट की झूठी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने जांच के बाद झूठ पकड़ा और तीनों का चालान कर दिया।
रेप के फर्जी आरोप
गीडा इलाके में एक पिता ने अपनी बेटी के साथ गैंगरेप का झूठा मुकदमा लिखवा दिया। बाद में बेटी ने मजिस्ट्रेट को बताया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था, लड़कों से सिर्फ बहस हुई थी। इस पर पुलिस ने पिता पर ही केस दर्ज कर लिया। इसके अलावा, पुलिस ने छह महिलाओं के एक ऐसे गिरोह पर भी केस किया है जो रेप का झूठा आरोप लगाकर लोगों से पैसे वसूलती थीं। इस गैंग ने जिले में 11 फर्जी मुकदमे दर्ज कराए थे।
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