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10 नवंबर, 2020|10:46|IST

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इन बोगियों में फोटान कर देंगे कोरोना वायरस का सफाया

इन बोगियों में फोटान कर देंगे कोरोना वायरस का सफाया

कोरोना से बचाव की जंग में गोरखपुर रेलवे वर्कशॉप ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। इंजीनियरों ने 22 दिन के परिश्रम के बाद एंटी कोविड कोच तैयार किया है। पायलट प्रोजेक्ट कामयाब रहा है। अब इसी तर्ज पर और कोच तैयार किए जाएंगे।

एंटी कोविड कोच के अंदरूनी हिस्से में टाइटेनियम डाईआक्साइड की कोटिंग कराई गई है। यह केमिकल फोटो एक्टिव है। इस पर धूप या यूवी लाइट पड़ते ही फोटान एक्टिव हो जाता है। यह फोटान कोरोना वायरस के खात्मे में पूरी तरह से कारगर माने गए हैं। अंदरूनी हिस्से पर की गई कोटिंग एक साल तक वायरस के खात्मे में कारगर रहेगी।

इसके साथ ही इस कोच के दरवाजों पर लगी हैंडिल, कुंडी जैसी चीजों पर कॉपर की कोटिंग की गई है ताकि इन जगहों पर कोविड वायरस ज्यादा देर तक सक्रिय न रह सके। अब तक के शोध में यह साफ हो चुका है कि कॉपर ही ऐसा मेटल है जिस पर वायरस सबसे कम समय तक सक्रिय रहता है।

एंटी कोविड कोच में लगी बेसिन और फ्लश को चलाने के लिए भी हाथ से छूने की जरूरत नहीं पड़ती है। सबकुछ पैर से ही ऑपरेट होता है। बेसिन के टैब पर किसी का हाथ गलती से भी न जाए इसके लिए ऐसे टैब लगाए गए हैं जिसमें खोलने या बंद करने वाली नॉब ही नहीं है। बेसिन के ठीक नीचे पैडल लगा है। उसे दबाते ही टैब से पानी गिरने लगता है। लिक्विड साबुन लेने के लिए भी इसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

टायलेट में कहीं भी हाथ लगाने की जरूरत नहीं

टायलेट में दरवाजे के लिए ऐसा पैडल लगा है जिसे पैर से दबाया जाता है। फ्लश से लेकर बेसिन तक सब कुछ पैडल ऑपरेटेड है। बाहर निकलते समय भी दरवाजे को पैर से दबाते ही वह खुल जाता है। बाहर आने के बाद दरवाजा अपने आप बंद हो जाता है।

कोटिंग पर रोशनी पड़ते ही एक्टिव हो जाता है फोटान

वर्कशॉप के इंजीनियरों के मुताबिक बोगियों के अंदर की गई कोटिंग पर जैसे ही लाइट या फिर खिड़की के रास्ते से सूरज की रोशनी पड़ती है फोटान एक्टिव हो जाता है। यह फोटान यदि उस सरफेस पर कहीं कोई वायरस होगा तो उसे खत्म कर देता है।

पायलट प्रोजेक्ट पूरा, अब और एंटी कोविड कोच बनेंगे

वर्कशॉप के एडब्ल्यूएम अनुज मिश्रा और उनकी टीम ने 22 दिन के परिश्रम के बाद सेकेण्ड एसी कोच को एंटी कोविड कोच में बदला है। यह कोच बाहर निकलने के लिए तैयार है। एंटी कोविड कोच को तैयार करने में करीब दो लाख रुपये का खर्च आया है।

टाइटेनियम डाई आक्साइड फोटो एक्टिव मटेरियल है। इस पर अल्ट्रावायलेट रोशनी पड़ते ही फोटान एक्टिव हो जाते हैं। फोटान किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया या वायरस से लड़ने में कारगर हैं।

-संजय गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर, केआईपीएम

गोरखपुर रेलवे वर्कशॉप ने एंटी कोविड कोच तैयार किया है। इसमें कोरोना से बचाव तो होगा ही साथ ही यह कोच यात्रियों के लिए सुविधाजनक भी है।

-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ एनईआर

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  • Web Title:Photons will destroy Corona virus in these bogies