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21 जनवरी, 2020|5:56|IST

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दुकान आवंटन में गोलमाल पर पार्षदों का हंगामा, होगी जांच

गोरखपुर नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में गुरुवार को 17 दुकानों के मनमाने आवंटन को लेकर पार्षदों ने एक बार फिर हंगामा किया। कांग्रेस और भाजपा पार्षद ने मुद्दा उठाते हुए जांच की मांग की। महापौर ने पार्षदों को जांच कराने का आश्वासन दिया है। बैठक में आरओ प्लांट में हो रही पानी बर्बादी पर भी निर्णय हुआ। अब आरओ प्लांट लगाने वालों को बर्बाद हो रहे पानी को भू-गर्भ में भेजने का इंतजाम करना होगा। वहीं सफाई कर्मचारियों के पीएफ में डेढ़ करोड़ से अधिक की रकम का गोलमाल प्रकरण में दो फर्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय हुआ। 

दिन में तीन बजे जैसे ही महापौर सीताराम जायसवाल की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई वैसे ही कांग्रेस पार्षद संजीव सिंह सोनू ने आरक्षित वर्ग के लिए सुरक्षित 17 दुकानों के आंवटन का मुद्दा उठाया। बैठक में बात तब और बिगड़ गई जब निगम के अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने यह दावा किया कि जिस पत्र पर दुकानों का आवंटन हुआ है, उसपर उनका हस्ताक्षर नहीं है। जिसके बाद उपसभापति बृजेश सिंह छोटू ने इसे गम्भीर बताते हुए जांच की मांग की। महापौर ने पार्षदों को आश्वासन दिया कि जल्द जांच कमेटी बना दी जाएगी।

सिविल लाइंस पार्षद अजय राय ने सफाई के मुद्दे को जोरशोर से उठाया। पार्षद ने कहा कि पूर्व ठेकेदार विशाल प्रोटेक्शन फोर्स एवं हिन्दुस्तान कम्पनी ने सफाई कर्मचारियों के पीएफ और ईएसआईसी के नाम पर 1.52 करोड़ की कटौती की लेकिन कर्मचारियों को पासबुक नहीं मिला। जिसपर नगर आयुक्त ने कहा कि दोनों फर्मों को अंतिम नोटिस दी जाएगी। रुपये नहीं जमा हुए तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। शहर के दर्जन भर प्रमुख चौराहों पर वाटर एटीएम लगाने का निर्णय लिया गया। बैठक में पार्षद शहाब अंसारी से आधुनिक स्लाटर हाउस बनाने की मांग रखी। 

पार्षद के प्रस्ताव पर होंगे 15 लाख के कार्य 
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी 70 वार्डों के पार्षदों के प्रस्ताव पर 15-15 लाख के विकास कार्य कराएं जाएंगे। महापौर ने सभी पार्षदों से प्रस्ताव देने का कहा है। 

12 हजार नये भवन मालिक आएंगे टैक्स के दायरे में
शहर मे 12500 ऐसे भवन चिन्हित किए गये है, जिनपर अभी तक गृहकर, जलकर एवं सीवरकर नहीं लगा है। इसके साथ ही कई व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर भी टैक्स नहीं लगा है। निर्णय हुआ कि सभी भवनों और दुकानों को टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। नामान्तरण प्रक्रिया में बहुत से भवनों का कर नगर निगम द्वारा नामान्तरण न करने पाने के कारण वसूल नहीं कर पा रहा है ऐसे प्रकरण को जल्द निपटाने का निर्देश दिया गया। 

आरओ प्लांट वालों को रोकनी होगी पानी की बर्बादी
शहर में दो हजार से अधिक आरओ प्लांट संचालकों पर नगर निगम अंकुश लगाएगा। बैठक में मुद्दा उठा कि आरओ प्लांट के संचालक अनुपयोगी पानी को नालों में बहा दे रहे हैं। जिसपर कार्यकारिणी ने निर्णल लिया कि सभी आरओ प्लांट लगाने वालों को रेन हार्वेटिंग प्लान्ट लगाना होगा। ताकि अनुपयोगी पानी उसमें जा सके। जल्द ही जांच की जाएगी। जिस प्लांट पर रेन हार्वेस्टिंग की सुविधा नहीं होगी, उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। बता दें कि आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने बीते दिनों ‘पानी मेरा हक’ अभियान के तहत इस मुद्दे को उठाया था।

अनुमति से अधिक रोड कटिंग पर लगेगा जुर्माना
नगर निगम द्वारा विभिन्न विभागों जैसे-विद्युत विभाग, टावर ऐजेन्सी एवं अन्य विभागों को रोड कटिंग करने की अनुमति दी गयी है। यदि अनुमति के विपरीत ठेकेदार द्वारा अधिक रोड कटिंग की गयी है तो अतिरिक्त कटिंग पर दोगुना शुल्क वसूला जाएगा। सम्बन्धित वार्ड में तैनात अवर अभियन्ता, सहायक अभियन्ता, अधिशासी अभियन्ता अतिरिक्त कटौती के जिम्मेदार होंगे। 

कार्यकारिणी बैठक में लिए गए निर्णय
मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी अपने-अपने जोन से सम्बन्धित सफाई कार्य देखेंगे। 
पंप हाउस से लगातार पानी की निकासी की जाएगी। 
नालों को अतिक्रमण मुक्त करने को चलेगा अभियान। 
लीकेज जलकल के पंजीकृत ठेकेदार दुरूस्त करेंगे।
शहर के कुओं को अतिक्रमण मुक्त कर उनका सुंदरीकरण किया जाएगा। 
चार दिन के अंदर नये सिरे से शुरू होगी फागिंग की व्यवस्था।
58 नलकूपों का आटोमेटिक संचालन होगा। 

पार्षदों की तरफ से दुकानों के आवंटन को लेकर सवाल उठाए गए थे। प्रकरण में महापौर ने जांच कराने की बात कही है। महापौर के निर्देश के क्रम में जांच करा ली जाएगी। शहर की सफाई व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा। 
अंजनी कुमार सिंह, नगर आयुक्त 

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  • Web Title:Parshads protest due to irregularities in shop allotment in Gorakhpur