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गोरखपुर

बोरा फैक्ट्री के मानचित्र के लिए सिर्फ 10 लाख ही देने होंगे

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Sat, 31 Jul 2021 04:20 AM
बोरा फैक्ट्री के मानचित्र के लिए सिर्फ 10 लाख ही देने होंगे

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने प्राधिकरण के टालमटोल के रवैये में बदलाव के क्रम में उद्यमी भोला जायसवाल की प्रस्तावित बोरा फैक्ट्री के मानचित्र को मंजूरी दे दी। पहले उन्हें कमर्शियल रेट पर मानचित्र स्वीकृत कराने की बात कहते हुए 32 लाख की मांग की गई थी लेकिन अब उन्हें सिर्फ 10 लाख देने होंगे। इसी तरह रामगढ़झील के जलकुंभी को 15 अगस्त से पूर्व साफ करने को लेकर भी कार्ययोजना बनाई गई है।

जीडीए उपाध्यक्ष ने शुक्रवार को ताबड़तोड़ लिये गए फैसलों के बावत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्यमी भोला जायसवाल का मानचित्र इंडस्ट्री के मानकों पर स्वीकृत होना चाहिए था लेकिन उसे कामर्शियल दर पर मंजूरी दी जा रही थी। मामला संज्ञान में आने के बाद शासनादेश के आधार पर उनके मानचित्र को स्वीकृत करने की मंजूरी दे दी गई है। अब उन्हें 32 लाख की जगह सिर्फ 10 लाख रुपये ही बतौर फीस प्राधिकरण में जमा करनी होगी। उपाध्यक्ष ने कहा कि उद्यमियों से कहा गया है कि ऐसे मामले लंबित हों तो वे मेरे संज्ञान में लाएं।

10 मशीनें लगाई जाएंगी झील की सफाई में: इसी क्रम में जीडीए उपाध्यक्ष ने रामगढ़झील में जलकुंभी सफाई में तेजी को लेकर भी अहम निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार से काम में तेजी के बावत सवाल किया गया तो उसने भुगतान लटकने की बात कही। इसके बाद रोके गए बकाया का भुगतान तत्काल कर दिया गया। ठेकेदार फिलहाल चार पोकलेन मशीनों से जलकुंभी निकाल रहा है। उसके 10 मशीनें लगाने की बात कही है। उसने लिखित दिया है कि 15 अगस्त से पहले झील को जलकुंभी से मुक्त कर दिया जाएगा। उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण की कार्य संस्कृति को बदलने के प्रयास किये जा रहे हैं। कोई काम बेवजह लटकना नहीं चाहिए।

मानचित्र और नामांतरण के लिए लगेगा विशेष कैंप

जीडीए उपाध्यक्ष ने शुक्रवार की सुबह प्राधिकरण में मानचित्र एवं नामांतरण की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पाया गया कि मानचित्र निस्तारण एवं नामांतरण के कई मामले लंबे समय से लंबित हैं, जिसका निस्तारण जरूरी है। निस्तारण के लिए अगले सप्ताह सोमवार एवं मंगलवार का दिन निर्धारित किया गया है। प्राधिकरण में पूरे दिन लंबित मामलों को निस्तारित करने का काम होगा। जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि यदि किसी को मानचित्र या नामांतरण से जुड़ी कोई समस्या हो तो वह स्वयं निर्धारित समय से प्राधिकरण में उपस्थित होकर उनसे अपनी समस्या बता सकता है। समस्या सुनकर उसका निराकरण कराया जाएगा।

उद्यमियों ने किया स्वागत

गोरखपुर। लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष दीपक कारीवाल ने कहा कि बोरा फैक्ट्री के लिए मानचित्र को लेकर शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर शासन से की गई थी। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही थी। नये जीडीए उपाध्यक्ष ने पहल करते हुए मानचित्र को मंजूरी दे दी है। इसका स्वागत करते हैं। फैक्ट्री लगने से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। उद्यमियों की समस्याएं तय समय में दूर हों तभी औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलेगी।

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