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23 जनवरी, 2020|8:05|IST

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जीडीए में नहीं हो पा रहा भवन मानचित्र का ऑनलाइन आवेदन

जीडीए में नहीं हो पा रहा भवन मानचित्र का ऑनलाइन आवेदन

जीडीए में मानचित्र पास कराने वाली वेबसाइट के काम नहीं करने से लोगों को भटकना पड़ रहा है। पिछले तीन दिनों से स्वीकृत ले-आउट यानी लो रिस्क और हाई रिस्क जोन के आवेदकों का मानचित्र दाखिल नहीं हो रहा। विभाग की पुरानी वेबसाइट पर मानचित्र के आवेदन अपलोड नहीं हो रहे हैं, वहीं नया सॉफ्टवेयर अभी अपग्रेडेशन की स्थिति में है।

गोरखपुर विकास प्राधिकरण में पहले पुरानी वेबसाइट upobps.in पर पर मानचित्र के लिए आवेदन किया जाता था। कुछ दिन पहले मानचित्र दाखिल करने के लिए नई वेबसाइट (upobpas.in) बनाया गया। नई वेबसाइट पर काम पूरा न होने के कारण मानचित्र स्वीकृति के आवेदन लटके हुए हैं। इसमें लो रिस्क यानी ऐसे क्षेत्र जहां का ले आउट स्वीकृत है एवं हाई रिस्क यानी वाणिज्यिक या ऐसे क्षेत्र जहां का ले आउट स्वीकृत नहीं है के मानचित्रों का आवेदन नहीं हो पा रहा है। आवास विकास ने मानचित्र स्वीकृति की पेच को दूर करने के लिए पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया है। जिससे कंप्यूटर ही यह तय कर लेता है कि मानचित्र स्वीकृत होने लायक है या नहीं। जब तक दोनों वेबसाइट पर आवेदन मान्य था तब तक कोई दिक्कत नहीं आई लेकिन तीन दिन पहले पुराने सॉफ्टवेयर को शासन की ओर से बंद कर दिया गया। अब नए सॉफ्टवेयर पर ही निर्भरता हो गई। नई व्यवस्था में लो एवं हाईरिस्क दोनों ही मामलों में परेशानी आ रही है। पिछले दिनों प्राधिकरण में लो रिस्क जोन और हाई रिस्क जोन के मानचित्र को लेकर वर्कशाप भी हुई थी। जिसमें जीडीए के इंजीनियरों से लेकर शहर के प्रमुख आर्किटेक्ट को बुलाया गया था। कार्यशाला में नई व्यवस्था को लेकर जानकारी दी गई थी। जानकारों के अनुसार सेटबैक से जुड़े कुछ तकनीकी कमियों के कारण हाई रिस्क जोन के मानचित्र स्वीकृत नहीं हो रहे।

रोज होते हैं 30 से 40 आवेदन

मानचित्र स्वीकृति को लेकर जीडीए में रोज 30 से 40 आवेदन होते हैं। इनमें छोटे प्लाट पर प्रस्तावित मकान का मानचित्र अधिक होता है। खरवास खत्म होने के बाद मानचित्र बनवाने वालों की संख्या भी बढ़ी है।

कोट

नए सॉफ्टवेयर में कुछ समस्या होने की शिकायत आ रही है। इसपर काम चल रहा है। जल्द ही वेबसाइट को अपग्रेड कर दिया जाएगा। मानचित्र का आवेदन करने वालों को दिक्कत दूर हो जाएगी। नई व्यवस्था से ऑनलाइन आवेदन में आसानी होगी।

संजय सिंह, मुख्य अभियंता, जीडीए

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  • Web Title: Online application of building map is not available in GDA