नर्सिंग स्टाफ का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी, प्राचार्य ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को दिया अल्टीमेटम
Feb 28, 2026 02:59 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गोरखपुर
Gorakhpur News - गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। नर्सों ने प्रशासन के खिलाफ जुलूस निकाला और इंटर्न डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की। प्राचार्य ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने का अल्टीमेटम दिया है। विवाद एक नर्स की पिटाई से शुरू हुआ था।
गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ का आंदोलन शनिवार को तीसरे दिन भी जोर-शोर से जारी रहा। नर्सों ने जुलूस निकालकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उनके समर्थन में लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और क्लर्क भी सड़कों पर उतर आए। इस बीच कॉलेज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को फौरन ड्यूटी पर लौटने का अल्टीमेटम दे दिया है। प्राचार्य ने आउटसोर्सिंग कंपनियों के संचालकों को कड़ा पत्र लिखकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी जारी की है।
यह विवाद गुरुवार को ट्रामा सेंटर में मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर द्वारा एक नर्स की कथित पिटाई से शुरू हुआ। घटना के बाद नर्सिंग स्टाफ ने आंदोलन शुरू कर दिया। नर्सों का आरोप है कि इंटर्न डॉक्टर ने बिना किसी उकसावे के नर्स पर हाथ उठाया, जिससे कॉलेज का माहौल तनावपूर्ण हो गया। आंदोलनकारियों ने प्राचार्य से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक दोषी डॉक्टर पर सख्त एक्शन नहीं लिया जाता, आंदोलन वापस नहीं होगा। शनिवार को सैकड़ों नर्सों ने कॉलेज परिसर में जुलूस निकाला और नारों से प्रशासन को घेरा।
प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया में प्राचार्य ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नोटिस जारी किया। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि ड्यूटी छोड़ने वाले कर्मचारी तुरंत जॉइन करें, वरना बर्खास्तगी सहित कड़ी कार्रवाई होगी। प्राचार्य ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनके कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। कॉलेज में नर्सों की कमी से ओपीडी और वार्ड प्रभावित हो रहे हैं।
बताया जाता है कि विवाद सुलझाने के लिए प्राचार्य ने पहले ही तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति घटना की जांच कर रही है और जल्द रिपोर्ट सौंपेगी। नर्स संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि वे बातचीत को तैयार हैं, लेकिन इंटर्न डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। आंदोलन के कारण मेडिकल कॉलेज में मरीजों को दिक्कत हो रही है। कई परिजन प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि जल्द समाधान निकाला जाए। शासन के अधिकारी भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।
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