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29 जनवरी, 2020|1:25|IST

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एनपीआर में देना होगा जवाब, क्या खाते हो और कहां नहाते हो

एनपीआर में देना होगा जवाब, क्या खाते हो और कहां नहाते हो

एनपीआर (नेशनल पापुलेशन रजिस्टर) जनगणना-2021 में पहले मकानों की गिनती होगी उसके बाद इंसानों की। मकानों की गिनती में घर के मुखिया को एक, दो या तीन नहीं बल्कि 31 सवालों के जवाब देने होंगे। मुखिया को मकान नम्बर, मकान की हालत, भोजन में प्रयोग किए जाने वाले प्रमुख अनाज, स्वामित्व की स्थिति, पेजयल, रसोई, शौचालय, ईधन, प्रकाश और गंदे पानी के निकास समेत 31 सवालों के जवाब देने होंगे। इन सभी सवालों के जवाब के बाद ही मुखिया का मकान एनपीआर में दर्ज होगा। यह गिनती 18 मई से 30 जून तक चलेगी। गिनती पूरी हो जाने के बाद इंसानों की गिनती की जाएगी।

एनपीआर के लिए गोरखपुर में छह मास्टर ट्रेनर तैनार किए गए हैं। ये सभी प्रगणकों को गिनती के लिए तैयार करेंगे। इसकी मॉनीटरिंग के लिए 17 चार्ज अफसर होंगे। जार्च अफसर के रूप में जिले के आठों जिला पंचायत के अधिशासी अधिकारी, सभी तहसील के तहसीलदार, नगर आयुक्त के साथ ही एयरफोर्स और जीआरडी के अफसर अपने-अपने क्षेत्र में गिनती कराएंगे।

एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश सिंह ने बताया कि केन्द्र से सूचना आई है उसमें 18 मई से 30 जून 2020 तक मकानों की गिनती होगी। इसके बाद व्यक्तियों की गणना होगी। अभी गोरखपुर में प्रगणकों की तैनाती नहीं की गई है। केन्द्र से जैसा दिशा-निर्देश आएगा उसी के आधार पर प्रगणकों की तैनाती की जाएगी।

एनपीआर में सभी गांव-शहर और कस्बों में मकानों की गिनती की जाएगी। रसोई और शौचालय का रिकार्ड भी एनपीआर में होंगे। घर में बिजली कनेक्शन, गैस कनेक्शन और पेयजल के इंतजाम के बारे में आंकड़े जुटाए जाएंगे। मकानों की सूची की साथ एनपीआर को प्रगणक अपडेट करेंगे। 2016 के बाद एनपीआर को अपडेट नहीं किया गया है।

इनका देना होगा जवाब

भवन नम्बर, मकान बनाने में इस्तेमाल सामग्री, मकान की हालत, परिवार क्रमांक, सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, मुखिया का लिंग, अनुसूचित जाति, जनजाति, मकान के स्वामित्व की स्थिति, मकान में कमरों की संख्या, परिवार में विवाहित दम्पतियों की संख्या, पेयजल का मुख्य स्रोत, पेयजल की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की सुलभता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नानगृह की उपलब्धता, ईंधन का प्रकार, रेडियो, टीवी, इंटरनेट सुविधा, लैपटाप-कम्प्यूटर, टेलीफोन, मोबाइल, प्रमुख अनाज और मोबाइल नम्बर।

क्या है एनपीआर का उद्देश्य

देश के हर निवासी की पूरी पहचान और अन्य जानकारियों के अधार पर उनका डेटाबेस तैयार करना एनपीआर का अहम उद्देश्य है। केंद्र सरकार अपनी योजना तैयार करने, धोखाधड़ी रोकने और हर परिवार तक सरकारी स्कीम का लाभ पहुंचाने के लिए एनपीआर का इस्तेमाल करती है।

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  • Web Title: NPR will have to answer what to eat and where to take bath