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गोरखपुर

अब मीटर रीडर को ट्रांसफार्मर से जुड़े सभी कनेक्शनों की रीडिंग करनी होगी

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Tue, 27 Jul 2021 04:52 AM
अब मीटर रीडर को ट्रांसफार्मर से जुड़े सभी कनेक्शनों की रीडिंग करनी होगी

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

शहरी क्षेत्र में 176 करोड़ के 40 हजार नान ट्रेसेबल कनेक्शनों की तलाश करने को बिजली निगम स्पाट बिलिंग में परिवर्तन करने की तैयारी में जुटा है। अब अगले महीने से मीटर रीडरों को फीडरवार बीट आवंटित होगी। मीटर रीडर आवंटित बीट क्षेत्र के एक ट्रांसफार्मर से जुड़े सभी कनेक्शनों पर रीडिंग लेकर बिल बनाएंगे।

इस दौरान डेटा में जिन उपभोक्ताओं का ब्योरा नहीं मिलेगा। उसे नॉन ट्रेसेबल मानकर उसकी सूचना अभियंताओं को देंगे। बिलिंग शुरू करने से पहले मोहल्ले के ट्रांसफॉर्मर के मीटर की रीडिंग भी लेनी होगी। उसके बाद उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर लगे मीटर की रीडिंग लेकर बिल बनाएंगे। इसके बाद ट्रांसफॉर्मर के मीटर में दर्ज रीडिंग व उपभोक्ताओं के मीटर में दर्ज रीडिंग की मिलान कर कॉरपोरेशन के पोर्टल पर दोनों सूचनाएं दर्ज की जाएंगी।

पावर कारपोरेशन के एमडी ने नगरीय वितरण मण्डल के चारों खण्डों के नॉन ट्रेसेबल श्रेणी के उपभोक्ताओं की तलाश करने के लिए बिलिंग व्यवस्था में बदलवा कर उन्हें चिन्हित करने के निर्देश दिए है। अभियंताओं के मुताबिक अब बिलिंग एजेंसी के मीटर रीडरों को फीडरवार बीट आंवटित की जाएगी। फीडर के एक ट्रांसफॉर्मर से निकलने वाली एलटी लाइन से जुड़े उपभोक्ताओं के मीटर से रीडिंग लेकर बिल बनाने के बाद ही दूसरे ट्रांसफार्मर से जुड़े उपभोक्ताओं की रीडिंग लेंगे।

इस नई व्यवस्था के लिए ट्रांसफॉर्मर वार डेटा तैयार कर लिया गया है। पोर्टल पर ट्रांसफॉर्मरवार डेटा अपलोड करने को भेज दिया गया है। अगस्त में बिलिंग नई व्यवस्था से होगी। इससे फायदा यह होगा कि एक ट्रांसफॉर्मर से जुड़े सभी उपभोक्ताओं की बिलिंग के दौरान जिन उपभोक्ताओं को डेटा पोर्टल पर नहीं मिलेगा उसे नान ट्रेसेबल श्रेणी में माना जाएगा। उसकी सूचना मीटर रीडर क्षेत्र के अभियंताओं को देंगे। अभियंता उनकी रीडिंग लेकर बिल बनाकर पोर्टल पर फीड करेंगे।

40 हजार कनेक्शनों का नहीं है ब्योरा

बिजली निगम के मुताबिक नगरीय वितरण मण्डल के चारों खण्डों में वर्तमान समय में 2.45 लाख सभी श्रेणी के बिजली कनेक्शन है। इनमें से 2.05 लाख की हर महीने बिलिंग होती है। जबकि 40 हजार कनेक्शनों का ब्योरा विभाग के बिलिंग डेटा में नहीं है। इन पर करीब 176 करोड़ से अधिक का बकाया है। इनकी तलाश करने को अभियंताओं ने कईबार अभियान चलाया लेकिन ट्रेस नहीं हो पाए। अब कारपोरेशन ने इनकी तलाश के लिए बिलिंग सिस्टम में बदलाव करने के निर्देश दिए है। अभियंताओं का कहना है कि कारपोरेशन के बताए गए उपाय से उम्मीद है कि नान ट्रेसेबल श्रेणी के उपभोक्ता मिल जाएंगे।

शहर एक नजर

शहर में बिजली उपभोक्ता 2.45 लाख

बिलेबल कनेक्शन 2.05 लाख

नान ट्रेसेबल कनेक्शन 40 हजार

बिजली घर 23

फीडर 137

ट्रांसफॉर्मर 2160

बोले अधीक्षण अभियंता

नान ट्रेसेबल उपभोक्ताओं की तलाश करने को अगले महीने से बिलिंग व्यवस्था में बदलाव होगा। अब मीटर रीडर अपने बीट के मुताबिक ही बिलिंग करेंगे। एक ट्रांसफार्मर से जुड़े सभी कनेक्शनों पर बिल बनाने के बाद ही दूसरे ट्रांसफॉर्मर पर बिल बनाने का काम शुरू करेंगे। इसके लिए ट्रांसफॉर्मरवार डेटा तैयार हो गया है।

- ई. यूसी वर्मा, अधीक्षण अभियंता, नगरीय वितरण मण्डल

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