Now RET is compulsory for PHD from DDU - डीडीयू से पीएचडी करनी है तो नेट और जेआरएफ वालों को भी देना होगा रेट DA Image
7 दिसंबर, 2019|10:23|IST

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डीडीयू से पीएचडी करनी है तो नेट और जेआरएफ वालों को भी देना होगा रेट

गोरखपुर। मिथिलेश द्विवेदी
नेट, स्लेट व जेआरएफ उत्तीर्ण विद्यार्थी भी यदि डीडीयू में शोध करना चाहता है तो उसे रेट (रिसर्च एलिजिबिजटी टेस्ट) देना होगा। इन्हें परीक्षा में अलग से वेटेज दिया जाएगा। मई व जून में हुई बैठकों में विद्या परिषद ने यह फैसला लिया है। माना जा रहा है कि कार्य परिषद इस पर अंतिम मुहर लगा देगी। 

डीडीयू में पांच साल से यह तय ही नहीं कर पा रहा था कि विवि स्तर पर कराई जाने वाली शोध पात्रता परीक्षा में नेट, स्लेट या जेआरएफ उत्तीर्ण विद्यार्थियों का पंजीकरण किया जाए या नहीं। इस चक्कर में तभी से किसी का शोध के लिए पंजीकरण इसलिए नहीं हो पा रहा था। पूर्व कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने सभी संकायाध्यक्षों की कमेटी बना कर इस बाबत गाइडलाइन तय करने की जिम्मेदारी सौंपी।

विभागाध्यक्षों की रायशुमारी के बाद कमेटी में भी इसे लेकर एक राय नहीं बन सकी। जहां कुछ लोग यह चाहते थे कि सभी लिए समान रूप से रेट अनिवार्य रहे वहीं कुछ लोगों का यह भी तर्क था कि चूंकि नेट, स्लेट और जेआरएफ भी शोध पात्रता परीक्षा ही है, इसलिए इसे पास कर चुके विद्यार्थियों को दोबारा विवि स्तर पर यह परीक्षा देने का औचित्य नहीं है।

इस चक्कर में लंबे समय तक निर्णय नहीं हो सका। 29 अप्रैल को कार्यभार ग्रहण करने के एक सप्ताह के अंदर ज्यों ही मामला वर्तमान कुलपति प्रो. वीके सिंह के संज्ञान में आया उन्होंने इस पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता शोध पंजीकरण शुरू कराने की होगी। इस पर निर्णय के लिए उन्होंने विद्या परिषद को अधिकृत करते हुए बैठकें कर जल्द से जल्द निर्णय करने को कहा। 

23 मई को और फिर 13 जून को विद्या परिषद की बैठक में सभी सदस्यों ने सभी लिए रेट अनिवार्य करने का निर्णय लिया। नेट, स्लेट व जेआरएफ उत्तीर्ण विद्यार्थियों को अगल से वेटेज देने का भी निर्णय लिया गया है। माना जा रहा है कि कार्य परिषद भी इस निर्णय पर अंतिम मुहर लगा देगी। सब कुछ ठीक रहा तो जुलाई महीने में रेट परीक्षा का आयोजन होगा। 

प्री पीएचडी उत्तीर्ण करने के बाद ही होगा पंजीकरण
विद्या परिषद ने यह भी निर्णय लिया है कि शोध पाठ्यक्रम में पंजीकरण से पहले रेट परीक्षा पास अभ्यर्थी को शोध सलाहकार समिति (आरएसी) द्वारा निर्दिष्ट विषय या शीर्षक पर गाइड की सहायता से अपना शोध प्रस्ताव तैयार करना होगा। प्री पीएचडी की परीक्षा पास करने के बाद ही शोध उपाधि समिति (आरडीसी) को पंजीकरण के लिए संस्तुत किया जाएगा।  

विद्या परिषद ने रेट के आर्डिनेंस पर निर्णय ले लिया है। शोध में पंजीकरण के लिए सभी को रेट देना पड़ेगा। नेट आदि के लिए अलग से वेटेज का प्राविधान किया गया है।

-प्रो. एसके सेनगुप्ता, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय   

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