पचास हजार से अधिक पुस्तकों से समृद्ध ग्रंथालय बढ़ा रहा ज्ञान
Gorakhpur News - गोरखपुर, निज संवाददाता। 1960 के दशक में बेहतर पठन-पाठन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य

गोरखपुर, निज संवाददाता। 1960 के दशक में बेहतर पठन-पाठन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे केन्द्रीय ग्रंथालय की स्थापना कराई गई। प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी कार्यालय, गोरखपुर में स्थित यह ग्रंथालय विभिन्न विधाओं की स्तरीय पुस्तकों का विशाल संग्रह है। यह मुख्यतः एक विभागीय तकनीकी ग्रंथालय है, लेकिन वर्तमान में यहां लगभग 50,000 से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं।एनई रेल प्रशासन के अनुसार, मुख्यालय में कार्यरत सभी रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बच्चे अपने अभिभावक के परिचय-पत्र की छायाप्रति एवं अपने उम्मीद कार्ड के साथ यहां के अध्ययन-कक्ष में अपनी पुस्तकें लाकर अध्ययन कर सकते हैं। ग्रंथालय के खुलने का समय 09.30 बजे एवं बन्द होने का समय 18.00 बजे निर्धारित है।
पुस्तक आदान-प्रदान का समय 09.30 बजे से 18.00 बजे तक है। शनिवार, रविवार और अवकाश के दिन ग्रंथालय बन्द रहता है। केन्द्रीय ग्रंथालय में रेल अधिकारी एवं कर्मचारी तथा उनके पाल्य, ग्रंथालय की उपयोगिता एवं शांत वातावरण में अध्ययन का लाभ उठा सकते हैं।रेलवे कर्मचारियों को दो वर्ष की सदस्यता के लिए न्यूनतम शुल्क 50 रुपये में चार पाठक-टिकट जारी किए जाते हैं। प्रत्येक पाठक-टिकट पर एक पुस्तक जारी की जाती है। इस ग्रंथालय में तकनीकी एवं गैर-तकनीकी की हिन्दी एवं अंग्रेजी में पत्रिकाएं तथा समाचार-पत्र उपलब्ध हैं। इसके अलावा, यहां मुख्य रूप से इंजीनियरिंग, विद्युत, यांत्रिक, सिगनल एवं दूर संचार, लेखा, जनसम्पर्क तथा प्रबन्ध आदि सहित विभिन्न विषयों की पुस्तकों पर विशाल संकलन उपलब्ध है।साथ ही साहित्य, धर्म एवं दर्शन शास्त्र, यात्रा साहित्य, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, न्याय शास्त्र, ललित कार्य, इतिहास, भूगोल तथा विज्ञान आदि विषयों की पुस्तकें भी मौजूद हैं। सरकारी कार्य में उपयोग की जा रही हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा की पुस्तकों के अतिरिक्त शैक्षणिक पुस्तकें भी ग्रंथालय में मंगाई जाती हैं।
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