वैवाहिक पंजीयन में भी अनिवार्य हुआ आधार का सत्यापन
Gorakhpur News - गोरखपुर के रजिस्ट्री विभाग ने वैवाहिक पंजीयन में कूटरचना रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब आधार सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे पति-पत्नी के रिश्तेदारों की गवाही भी महत्वपूर्ण हो गई है। यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनायेगी और कूटरचना की शिकायतों में कमी आएगी।

गोरखपुर, निज संवाददाता। रजिस्ट्री विभाग में अब कूटरचना से वैवाहिक पंजीयन कराना आसान नहीं रहेगा। नाम पता बदलकर वैवाहिक पंजीयन करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए प्रशासन की ओर से नई व्यवस्था बनाई गई है। अब रजिस्ट्री की तरह वैवाहिक पंजीयन में भी आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में पति, पत्नी के साथ उनके रिश्तेदार/ गवाह का आधार सत्यापन कराया जा रहा है। तहसील सदर के सब रजिस्ट्रार कार्यालय प्रथम एवं द्वितीय में हर दिन 2-5 वैवाहिक पंजीयन होते हैं। नियम के अनुसार पति या पत्नी के मूल निवास वाले सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीयन होना चाहिए, जबकि उनके रिश्तेदारों की गवाही भी महत्वपूर्ण हो गई है।
इससे प्रक्रिया और पारदर्शी होगी।इससे पहले पति या पत्नी के रिश्तेदार के तौर पर दूसरे को खड़े करने के लिए कूटरचना की शिकायतें प्रदेश के कई जिलों में आ रही थीं। इन शिकायतों पर विराम लगाने के लिए रजिस्ट्री विभाग के पोर्टल में नई व्यवस्था लागू की गई है। एआईजी स्टॉम्प एवं पंजीयन संजय कुमार दुबे ने बताया कि संपत्तियों की रजिस्ट्री की तर्ज पर वैवाहिक पंजीयन में भी आधार का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इससे कूटरचना नहीं होगी।
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