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31 मार्च, 2020|10:03|IST

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लखनऊ में इलाज के लिए भर्ती है भतीजा, कैसे पहुंचाएं रुपये

लखनऊ में इलाज के लिए भर्ती है भतीजा, कैसे पहुंचाएं रुपये

कोरोना से जंग में लॉकडाउन किए गए गोरखपुर में लोगों के सामने कई तरह के संकट खड़े हो गए हैं। किसी के परिवारीजन बाहर फंसे हैं वे उन्हें घर नहीं ले आ पा रहे हैं। कई ऐसे हैं जो अपने बेटे-बेटियों का इलाज कराने को उन्हें अस्पताल नहीं ले जा पा रहे हैं। शमसुद्दीन के सामने तो ऐसा संकट है कि उनके मुंह से आवाज नहीं निकल रही है।

गुरुवार को ‘हिन्दुस्तान से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वार्ड नम्बर दो सेमरा निवासी उनके भतीजे का लखनऊ में इलाज चल रहा है और वह वहां रुपये नहीं पहुंचा पा रहे हैं। उन्होंने डीएम से गुहार लगाई है कि उनकी किसी तरह से व्यवस्था कराई जाए।

वहीं घंटाघर में रह रहे विजय कुमार ने बताया कि उनकी चाची सुमित्रा गंभीर रूप से बीमार हैं। वह गुलरिहा झुंगिया में हैं। उन्होंने 112 नम्बर पर फोन किया लेकिन पुलिस ने यह कहकर टाल दिया कि आप 108 पर फोन करें। सहजनवा के सुब्रत के दादा जी को किडनी की समस्या व बेतियाहाता निवासी उमेश राय को बेटी को इंजेक्शन लगवाना है। दोनों लोग अस्पताल नहीं ले जा पा रहे हैं।

पचपेड़वा निवासी अरविंद सिंह ने बताया कि शुगर की दवा चाहिए। मिल नहीं रही है। क्या करें। खजांची बाजार निवासी शंभाजीत शाही ने बताया कि वह एक जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने गए थे। उनके जैसे दो दर्जन लोग थे जिन्हें कुत्ते ने काटा है। अस्पताल से उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि इस समय कोई यह सेवा देने के लिए मौजूद नहीं है। इनके जैसे दो दर्जन से अधिक लोगों ने ‘हिन्दुस्तान को फोन कर अपनी और परिवार के सदस्यों की बीमारी की दिक्कत बताई।

कैसे ले आएं दूध : खुटहन खास के रामकेश ने कहा कि कैसे दूध ले आएं और शहर में पहुंचाएं। इनके साथ ही रानीडिहा से दिनेश, छपिया से राजू आदि ने भी अपनी यही समस्या गिनाई। उन्होंने कहा कि वह दूध नहीं पहुंचा पाएंगे तो कई बच्चे भूखे रह जाएंगे।

बनारस में हैं पत्नी-बच्चे, कैसे ले आएं

‘हिन्दुस्तान को दर्जन भर से अधिक लोगों ने फोन कर बताया कि उनके लोग बाहर हैं, कैसे ले आएं। बशारतपुर निवासी रोहित बजाज ने कहा कि उनकी पत्नी और बच्चे बनारस हैं। शशांक पांडेय ने बताया कि उनकी माता जी प्रयागराज हैं। बेतियाहाता निवासी अभय गुप्ता ने बताया कि उनका बेटा जौनपुर में है। ये सभी लोग परेशान हैं कि अपने परिवारीजनों को कैसे घर ले आएं।

हेल्पलाइन पर नहीं हो पा रही है बात

लेक व्यू कॉलोनी निवासी विजय गुप्ता ने बताया कि हेल्पलाइन पर बात नहीं हो पा रही है। गैस के लिए बुकिंग कराया हूं लेकिन मिल नहीं पा रहा है। होम डिलीवरी का दावा झूठा साबित हो रहा है। दीवान बाजार निवासिनी मालती ने भी यही दिक्कत बताई। आर्य नगर निवासी रौनक, पादरी बाजार निवासी रमाकांत, अजीत वरनवाल, ओमप्रकाश, कानपुर निवासी दिनेश आदि ने शिकायत की है कि प्रशासन के हेल्पलाइन नम्बरों पर बात नहीं हो पा रही है।

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  • Web Title:Nephew admitted for treatment in Lucknow how to get money