DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › गोरखपुर › दो दिनों में 40 से अधिक मामले निस्तारित, तीन करोड़ की कमाई
गोरखपुर

दो दिनों में 40 से अधिक मामले निस्तारित, तीन करोड़ की कमाई

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Wed, 04 Aug 2021 04:11 AM
दो दिनों में 40 से अधिक मामले निस्तारित, तीन करोड़ की कमाई

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में दो दिवसीय कैंप की सफलता को देखते हुए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने अब हर सोमवार और मंगलवार को ‌कैंप लगाने का निर्णय लिया है। इस कैंप में मानचित्र और नामांतरण के लंबित मामलों का निस्तारण होगा। जो मामले मौके पर नहीं निस्तारित होंगे उन्हें पांच दिन के अंदर निस्तारित कर दिया जाएगा। इससे अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और प्राधिकरण को आय भी होगी।

मंगलवार को दूसरे दिन के कैंप में भी जीडीए उपाध्यक्ष और सचिव पूरे समय मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों की देखरेख में मानचित्र और नामांतरण संबंधित 40 से अधिक मामलों का निस्तारण हुआ। दर्जन भर मामले जो किन्हीं वजहों से नहीं निस्तारित हो सके हैं, उन्हें 7 अगस्त तक निस्तारित कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अवर अभियंताओं आदि के स्तर पर मानचित्र आवेदनों में बेवजह पेंच फंसाने और उसे लंबित रखने पर तमाम लोग चाहकर भी मानचित्र स्वीकृत कराने से कतराते हैं, जिससे अवैध निर्माण बढ़ता है।

सोमवार और मंगलवार को दो दिनों तक लगे कैंप में कई ऐसे आवेदकों के मामले भी सुलझ गए जो वर्षों से प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे थे। उद्यमी विष्णु अजीत सरिया का बरगदवा में व्यावसायिक निर्माण को लेकर मानचित्र का आवेदन तो 12 साल से लटका था जिसे घंटे भर में निस्तारित कर दिया गया।

दो दिनों में हुई तीन करोड़ से अधिक की आय

पहले दिन कैंप में 45 आवेदन आए जबकि 15 शमन मानचित्र स्वीकृत किए गए जिनसे प्राधिकरण को एक करोड़ 66 लाख 49 हजार 598 रुपये की आय हुई। वहीं संपत्तियों के 19 मामलों का निस्तारण हुआ। दूसरे दिन चार शमन मानचित्र स्वीकृत किए गए जिससे प्राधिकरण को 1 करोड़ 70 लाख 22 हजार 220 रुपये की आय होगी। इसके अलावा संपत्तियों के नामांतरण संबंधी नौ मामलों का भी निस्तारण हुआ।

पटल पर नहीं मिले अधिकारी-कर्मचारी तो नपेंगे

गोरखपुर। जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने प्राधिकरण के सभी अफसरों, कर्मचारियों को हिदायत दी है कि हर कोई समय से दफ्तर आने के साथ ही अपने पटल पर अनिर्वाय तौर पर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक मौजूद रहकर जन सामान्य की समस्याएं सुनें। औचक निरीक्षण में यदि कोई अफसर या कर्मचारी तय समय पर अपने पटल पर नहीं मिला तो कार्रवाई तय है। जीडीए उपाध्यक्ष प्रेमरंजन सिंह का कहना है कि दो दिन तक चले मानचित्र व नामांतरण निस्तारण कैंप में कई ऐसे मामले आए जो लंबे समय से लंबित हैं। समय से उनका निस्तारण नहीं किया गया जो गंभीर विषय है।

संबंधित खबरें