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फर्जीवाड़ा : कानपुर की फार्मासिस्ट के रजिस्ट्रेशन पर महराजगंज में खोल दिया मेडिकल स्टोर

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दवा की दुकानें संचालित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दुकान संचालक व ड्रग इंस्पेक्टर कार्यालय की मिलीभगत से फार्मासिस्टों का रजिस्ट्रेशन नंबर लगाकर लाइसेंस जारी कर दिया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को महिला फार्मासिस्ट की शिकायत पर सामने आया। 
 
कानपुर जिले के कल्याणपुर आवास विकास निवासी फार्मासिस्ट नीलीमा पाल ने नौकरी के लिए आवेदन किया तो पता चला कि उसके रजिस्ट्रेशन नंबर से लेहड़ा में एक दवा की दुकान चल रही है। शिकायत के बाद ड्रग इंस्पेक्टर उसे गुमराह करते रहे। इस पर नीलीमा ने मामले को प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचा दिया है। 

नीलिमा के अनुसार 27 सितंबर 2017 को उसके रजिस्ट्रेशन नंबर पर लेहड़ा में एक दवा की दुकान का लाइसेंस जारी किया गया। नौकरी के आवेदन के समय पूरा खेल खुला। असल में उनके रजिस्टे्रशन नंबर पर दुर्गेश नाम के एक व्यक्ति को फार्मासिस्ट दिखाया गया है। मामले की जांच के बाद औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी गोरखपुर मंडल ने 24 अप्रैल 2017 को दुकान का लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया। लेकिन उस पर आज तक अमल नहीं हुआ। पुन: जांच की मांग की तो ड्रग इंस्पेक्टर ने रिपोर्ट लगा दी कि दुकान पर फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले। उन्होंने भी लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की। 

दवा की दुकानों की जांच चल रही है। अभी मैं दुकान की जांच में व्यस्त हूं। लौटने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा। फिलहाल नीलीमा प्रकरण की जांच चल रही है। कार्रवाई होगी। 
अशोक कुमार, डीआई

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  • Web Title:Medical store opened in Maharajganj on Kanpur pharmacist licence