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प्रदेश भर के मेडिकल ऑफिसर एम्स में जुटे

कार्यालय संवाददाता, गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टर प्रदेश भर के...

प्रदेश भर के मेडिकल ऑफिसर एम्स में जुटे
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हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरThu, 13 Jun 2024 10:45 AM
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कार्यालय संवाददाता, गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टर प्रदेश भर के सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को हीट स्ट्रोक, सड़क हादसे और मौसम में बदलाव होने वाली बीमारियों से बचाव के तरीके बता रहे हैं। अलग-अलग बैच में अलग-अलग बीमारियों की जानकारी प्रदेश भर के डॉक्टरों को दी जा रही है। इन डॉक्टरों में जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर शामिल हैं।
प्रशिक्षण का मकसद यह है कि आने वाले दिनों हीट-वेव और मौसम में हो रहे बदलाव की वजह से बीमारियों के बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में मेडिकल ऑफिसर फील्ड में रहते और वह पब्लिक हेल्थ से जुड़ी बीमारियों को ज्यादा समझते हैं। ऐसे में इन मेडिकल अफसरों को यह बताया जा रहा है कि हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों का इलाज कैसे किया जाए। इससे बचाव के क्या तरीके हैं। अधिक मरीज आने पर उनका इलाज किस तरह करना है। इसकी जानकारी एम्स के डॉक्टरों ने दी है। 10 जून से शुरू हुए प्रशिक्षण में अलग-अलग बैच में अलग-अलग बीमारियों की भी जानकारी दी गई है। यह प्रशिक्षण 14 जून को समाप्त होगा। एम्स के मीडिया मीडिया प्रभारी डॉ. वेंकटेश ने बताया कि प्रदेश भर के सरकारी अस्पताल के मेडिकल अफसरों को अलग-अलग बैच में हीट-स्ट्रोक सहित अन्य बीमारियों से बचाव और इलाज की जानकारी दी गई है। प्राथमिकता के आधार पर हीट-स्ट्रोक के लक्षण और उसके इलाज के बारे में बताया गया है। क्योंकि, मौसम के अनुसार हीट-स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक है।

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शरीर के तापमान को नियंत्रित करना बताए

एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि हीट स्ट्रोक बेहद खतरनाक है। इस मौसम में यह जानलेवा हो सकता है। हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर हो जाता है। इसे कभी-कभी हाइपरथर्मिया भी कहा जाता है। डॉक्टरों ने बताया कि इस मौसम में सामान्य तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक जा रहा है। ऐसे में हीट-स्ट्रोक का खतरा ज्यादा है। ऐसे में मरीजों को यह जरूर बताए कि उन्हें शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना है।

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नई बीमारियां भी पनपने के संकेत

डॉक्टरों ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव की वजह से नई बीमारियों के पनपने के भी संकेत है। ऐसे में विशेष सावधानी बरतते हुए नई बीमारियों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। बताया कि जिस तरह से गर्मी पड़ रही है। यह कम नहीं होने वाली है। आने वाले समय में भी इस तरह की गर्मी पड़ेगी। ऐसे में हीट-स्ट्रोक से बचाना एक बड़ी चुनौती आने वाले समय में होगी।

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