Mathematics makes changes with both vision and action Prof UP Singh - विजन व एक्शन दोनों को लेकर बदलाव करता है गणित: प्रो. यूपी सिंह DA Image
13 नबम्बर, 2019|5:28|IST

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विजन व एक्शन दोनों को लेकर बदलाव करता है गणित: प्रो. यूपी सिंह

विजन व एक्शन दोनों को लेकर बदलाव करता है गणित: प्रो. यूपी सिंह

पूर्वांचल विवि के पूर्व कुलपति प्रोफेसर यूपी सिंह ने कहा कि यदि एक्शन में से विजन हटा दिया जाए तो सभी को कन्फ्यूजन हो जाता है। इसी प्रकार यदि विजन में से एक्शन को हटा दिया जाए तो वह केवल इमैजिनेशन रह जाता है। गणित विजन और एक्शन दोनों को साथ लेकर बदलाव का काम करता है।

प्रो.सिंह रविवार को डीडीयू के गणित एवं सांख्यिकी विभाग में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रकार विजन के अनुसार एक्शन कर उसको मिशन के रूप में लेने पर नया क्रिएशन होता है। सभी शोध छात्र इसी प्रकार मेहनत करके ही नए शोध कर सकते हैं। अपने संक्षिप्त उद्बोधन में उन्होंने छात्रों के उत्साहवर्धन के लिए एक कविता की दो लाइन ‘मत पूछो कितनी लंबी दूरी है कितना लंबा मार्ग है, और न पूछो साथ तुम्हारे आज कहां तक जग है, लक्ष्य प्राप्त की बलिवेदी पर तन मन वारो, हिम्मत कभी ना हारो हिम्मत कभी ना हारो सुनाई।

विशिष्ट अतिथि मलेशिया के प्रोफेसर जफर एहसान ने छात्र छात्राओं को गणित में शोध के लिए सतत प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नवीं शताब्दी के गणितज्ञ अलबरूनी का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार उसने अरब से हिन्दुस्तान आकर 6 वर्ष तक संस्कृत का गहन अध्ययन किया। उन्होंने शोध करने वाले सभी विशेषज्ञों से अपील की कि वह अपना सबसे अच्छा शोधपत्र भारतीय जनरल्स में भेजें, जिससे कि हमारे शोध पत्रिकाओं का इंपैक्ट फैक्टर बढ़े।

तीसरे दिन प्रथम सत्र में प्रोफेसर केएस अमूर स्मृति व्याख्यान कुव्हेंपू विश्वविद्यालय शिमोगा के प्रोफेसर सीएस बागेवादी ने दिया गया। उन्होंने रिकी फ्लोर और रिकी फलों के समीकरण को हल करने के बारे में बताया। द्वितीय सत्र में दुर्ग छत्तीसगढ़ के प्रोफेसर जीके गोस्वामी ने डार्क एनर्जी मॉडल ऑफ द यूनिवर्स तथा एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर केएस रावत ने डीकंपोजिशन आफ कर्वेचर टैंसर फील्ड पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए।

प्रो. विजय शंकर वर्मा ने प्रस्तुत की संगोष्ठी की रिपोर्ट

संगोष्ठी की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आयोजन सचिव प्रोफेसर विजय शंकर वर्मा ने बताया कि संगोष्ठी में 4 स्मृति व्याख्यान, विशिष्ट व्याख्यान, आमंत्रित व्याख्यान तथा 53 शोध पत्रों का वाचन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने सभी आगंतुक अतिथियों के प्रति तथा विभागीय सहयोगी प्रोफेसर विजय कुमार, डॉ. राजेश पांडेय, डॉक्टर अर्चना सिंह भदोरिया, डॉक्टर राजेश कुमार, डॉ. विकास राणा, जीपी सिंह, जूली श्रीवास्तव, डॉ. जीतेंद्र कुशवाहा, डॉ. विवेक कुमार के अतुलनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

तीसरे दिन सात शोध पत्रों को विशेषज्ञों ने किया मूल्यांकन

भोजन अवकाश से पूर्व के सत्र में 7 शोध पत्रों का वाचन किया गया। विषय विशेषज्ञों के मूल्यांकन के आधार पर शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले छात्र-छात्राओं में सोसाइटी के द्वारा उसका प्रमाण पत्र वितरण किया गया। यंग जयोमीटर का पुरस्कार कुव्हेंपू विश्वविद्यालय की रूपा एमके को, यंग रिलेटिविस्ट का पुरस्कार सरदार पटेल यूनिवर्सिटी की बीना आर पटेल, बेस्ट पेपर का अवार्ड कर्नाटका के मंजूनाथ तथा बेस्ट प्रस्तुतीकरण का पुरुष का अवार्ड अलीगढ़ के डॉक्टर कामरान खान को दिया गया।

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