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गंदगी में दम तोड़ रहीं मछलियां, दुर्गंध से कॉलोनियों में हाहाकार

गंदगी में दम तोड़ रहीं मछलियां, दुर्गंध से कॉलोनियों में हाहाकार

संक्षेप:

Gorakhpur News - रामगढ़झील बीमार-सचित्र 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3 3

Jan 19, 2026 02:39 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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गोरखपुर। मुख्य संवाददाता। रामगढ़झील में मछलियों के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते कई दिनों से झील के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में मृत मछलियां पाई जा रही हैं। पैडलेगंज से मोहद्दीपुर स्मार्टव्हील और सहारा इस्टेट तक झील के किनारे सड़ी हुई मछलियां फैली हुई हैं, जिन्हें कुत्ते और पक्षी आसपास की कॉलोनियों तक ले जा रहे हैं। मर रही मछलियां, किनारों पर पसरी गंदगी और फैलती दुर्गंध ने स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। सर्वाधिक दिक्कत सहारा इस्टेट और निर्माणाधीन रिंग रोड की ओर जा रही है। श्रीरामपुरम, मोहद्दीपुर, कैलाशपुरम, गणेशपुरम, यादव टोला, पार्वतीनगर समेत कई इलाकों में दुर्गंध से लोगों का रहना दूभर हो गया है।

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उधर, रविवार को जीडीए की टीम ने ताल से मृत मछलियों को निकलवाकर सफाई अभियान चलाया। जीडीए सचिव पुष्पराज सिंह ने रिंग रोड के पास निरीक्षण कर साफ-सफाई के निर्देश दिए। वहीं, दूषित जल को निकालने के लिए पाम पैराइडज की ओर लगे स्लुइस गेट को भी थोड़ा ज्यादा खोला गया है। ओएसडी प्रखर उत्तम के नेतृत्व में गठित टीम ने भी पूरे झील क्षेत्र का जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार झील की सफाई में 85 मजदूर लगाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर सोमवार से इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। नावों के माध्यम से झील के पानी में फिटकरी एवं चूने के पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है। जल में घुलित ऑक्सीजन का स्तर गिरने से मर रहीं मछलियां पर्यावरण विशेषज्ञों ने रामगढ़झील की स्थिति को जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा बताया है। हेरिटेज फाउंडेशन के मनीष चौबे और आशीष कुमार ने मांग किया कि जीडीए को जल की गुणवत्ता की जांच करा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करना चाहिए। जल निगम नगरीय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को स्वयं आगे आकर जांच करनी चाहिए। झील में जैविक प्रदूषण अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे पानी गाढ़ा और हरा हो गया है। नाइट्रोजन व फॉस्फोरस की अधिकता के कारण शैवाल तेजी से पनप रहे हैं। घुलित ऑक्सीजन का स्तर खतरनाक रूप से ताल के कुछ हिस्सों में गिर जाने से मछलियों की मौत हो रही है। यूपी कांग्रेस उपाध्यक्ष विश्वजीत सिंह ने रामगढ़झील में मृत मछलियों को निकालने जाने के वीडियो के साथ अपने एक्स हेंडल पर लिखा। लिखा कि रामगढ़ताल में प्रदूषण के कारण मछलियों के सामूहिक मौतों का जिम्मेदार कौन है?