अब बिना पैन कार्ड नहीं होगी जमीन की रजिस्ट्री, 1 फरवरी से नया नियम लागू
Gorakhpur News - गोरखपुर में संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए आधार सत्यापन के साथ पैनकार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। अब बिना पैनकार्ड के जमीन या संपत्ति का क्रय-विक्रय नहीं हो सकेगा। यह नियम 1 फरवरी से लागू है, जिसका उद्देश्य फर्जीवाड़े को रोकना और पारदर्शिता बढ़ाना है।

गोरखपुर में अब जमीन या मकान खरीदना और बेचना थोड़ा सख्त हो गया है। प्रशासन ने अब रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड के सत्यापन के साथ-साथ पैन कार्ड भी पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अगर खरीदार या बेचने वाले के पास पैन कार्ड नहीं है, तो अब रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी। पहले जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं होता था, वे फॉर्म-60 भरकर काम चला लेते थे, लेकिन अब वह विकल्प खत्म कर दिया गया है।
यह नई व्यवस्था सोमवार से लागू हो गई है। सरकार का मकसद भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में जमीनों की खरीद-फरोख्त को पारदर्शी बनाना है। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और लोग जमीनों में अंधाधुंध काला धन नहीं लगा पाएंगे।
सर्वर की समस्या और अधिकारियों का बयान
इस नियम के लागू होने के पहले दिन तहसील कार्यालयों में काफी भीड़ रही। सर्वर धीमा होने के कारण आधार सत्यापन में समय लगा, जिससे लोगों को सीढ़ियों पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। जिनके आधार में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं था, उन्हें भी परेशान होना पड़ा। एआईजी स्टांप संजय कुमार दुबे ने बताया कि पैन कार्ड और आधार की सख्ती के साथ-साथ, अब 20 हजार रुपये से ज्यादा की फीस भी ऑनलाइन जमा होगी। इन सभी फैसलों का उद्देश्य वित्तीय अपराधों पर लगाम लगाना है।
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