महाशिवरात्रि आज: बन रहा अमृत महा औदायिक योग, शिवालयों में उमड़ेगी आस्था
Gorakhpur News - गोरखपुर में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस दिन व्यतिपात, वरियान और अमृत योग का महत्व है। अर्धरात्रि में चतुर्दशी होने के कारण व्रत रखने की विशेष फलदायिता है। पूजा के लिए निशीथ काल सर्वोत्तम माना गया है।

इस वर्ष 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि इस बार अर्धरात्रि में पड़ रही है, जिसे शास्त्रों के अनुसार व्रत और पूजन के लिए सबसे उत्तम माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं। चतुर्दशी तिथि शाम 4:23 बजे से शुरू होकर पूरी रात रहेगी। विशेष बात यह है कि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि जैसे दुर्लभ योग बन रहे हैं, जो किसी भी शुभ कार्य या साधना के लिए बहुत कल्याणकारी माने जाते हैं।
पूजा का शुभ समय और मुहूर्त
भगवान शिव की विशेष आराधना के लिए निशीथ काल का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है, जो रात 11:52 से 12:42 तक रहेगा। इस दौरान की गई पूजा का अनंत फल मिलता है। इसके अलावा, सुबह 6:25 से शाम 7:26 तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, जिसमें आप अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अभिषेक कर सकते हैं।
दोपहर के समय अभिजीत मुहूर्त में भी पूजन करना शुभ फलदायी होगा। अमृत सिद्धि योग पूरे दिन-रात बना रहेगा, जो भक्तों पर महादेव की विशेष कृपा बरसाने वाला है। इस दिन जप, तप और दान करने से जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

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