machchar ko takkar sanvad change your quail in 15 days said experts in gorakhpur - मच्छर को टक्कर: 15-20 दिन में बदलते रहिए मच्छर भगाने वाला क्वायल; VIDEO DA Image

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मच्छर को टक्कर: 15-20 दिन में बदलते रहिए मच्छर भगाने वाला क्वायल; VIDEO

हिन्दुस्तान की मुहिम मच्छर को टक्कर के तहत बुधवार को गोरखपुर में आयोजित संवाद में सीएमओ, जिला मलेरिया अधिकारी सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए। संवाद में सीएमओ डा.श्रीकांत तिवारी ने कहा कि बचाव, इलाज से अच्छा है। मच्छरों पर नियंत्रण करके व्यक्ति बहुत तरह की बीमारियों से बच सकता है। इसके लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता की जरूरत है।

जिला मलेरिया अधिकारी डा.ए.के.पांडेय ने कहा कि मच्छरदानी, मच्छरों से बचने का बहुत अच्छा उपाय है। इसके अतिरिक्त आप यदि स्पे्र, क्वायल या कोई अन्य केमिकल मच्छरों से बचाव के लिए इस्तेमाल करते हैं तो यह जानना चाहिए कि 45 दिन के अंदर मच्छर उससे प्रतिरोधक क्षमता अपने में विकसित कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता से ही मच्छरों पर अंकुश लगाया जा सकता है। इसके लिए सतत प्रयास करते रहने की जरूरत है। 

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में करीब 3500 प्रकार के मच्छर पाए जाते हैं। उनमें से 330 प्रजातियां भारत में मिलती हैं। इनमें से सिर्फ 11 बीमारियों की वाहक प्रजातियां हैं। सिर्फ फीमेल मच्छर ही व्यक्ति का खून चूसती हैं और बीमारियां फैलाती हैं। उन्होंने डेंगू, जापानी इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, फायलेरिया सहित विभिन्न बीमारियों के वायरसों के वाहक मच्छरों के स्वभाव और संरचना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि इनसे सिर्फ जागरूकता और सतर्कता के बल पर ही निपटा जा सकता है।  

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