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बायोग्राफी में दिखाया बहुजन नायकों का त्याग और संघर्ष

बायोग्राफी में दिखाया बहुजन नायकों का त्याग और संघर्ष

श्रमण संस्कृति रक्षा न्यास की ओर से डीडीयू के दीक्षाभवन में रविवार को बहुजन नायकों की बायोग्राफी दिखाई गई। कार्यक्रम संयोजक आचार्य भुक्खु सुमित रत्न थेरा ने अपील की कि नायकों के त्याग व संघर्ष को व्यर्थ न जाने दें। सभी को मिलकर अपनी संस्कृतियों की रक्षा करनी है और उनके नक्शे कदम पर चलकर मजबूत व समृद्ध भारत का निर्माण करना है।

न्यास की ओर से आयोजित श्रमण संस्कृति महोत्सव व बहुजन मैत्री सम्मेलन का शुभारंभ दोपहर 12 बजे हुआ। गोरखपुर व बस्ती मंडलों से आए करीब छह सौ प्रतिभागियों के समक्ष संयोजक ने एक-एक कर महात्मा बुद्ध, कबीर, रविदास, संत गाडगे, भगत सिंह, अश्फाक उल्ला खां, योगेन्द्र नाथ मंडल, वीपी सिंह, कर्पूरी ठाकुर, कांशीराम, उदा देवी, झलकारी बाई, रमा बाई आदि बायोग्राफी दिखाई। इस दौरान उन्होंने महान विभूतियों के त्याग व संघर्षों पर व्याख्यान दिया। बताया कि कैसे भगवान बुद्ध के उपदेशों पर चलकर पूरी दुनिया के लोग आपसी वैमनश्य भूल गए और समृद्धि व शांति की ओर बढ़ रहे हैं। कहा कि भारत भी यदि उनके बताए मार्गों पर चलता हम भी तमाम समस्याओं से पार पा गए होते।

लंबे समय तक महान विभूतियों को जिन मूल्यों व संस्कृति की स्थापना को लेकर संघर्ष करना पड़ा था, आज भी वह मूल्य व संस्कृतियां स्थापित नहीं हो सकी हैं। यह बहुजन समुदाय का दायित्व है कि महान विभूतियों के सपने को साकार करें। उनके सपनों के देश में जाति पांति, भेद भाव व ऊंच नीच का कोई स्थान नहीं था। उनके बताए मूल्यों व आदर्शों को स्थापित करना हम सभी का दायित्व है।

पांच घंटे तक चले इस कार्यक्रम में गोरखपुर व बस्ती मंडलों के दर्जन भर से अधिक ऐसी प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया, जिनका शिक्षा, समाज व बौद्ध धर्म में प्रचार प्रसार में उल्लेखनीय योगदान है। कार्यक्रम में एनईआर के चीफ इंजीनियर बीआर विप्लवी, प्रो. आरएन चौधरी, प्रो. गोपाल प्रसाद, सुशील कुमार, प्रो. आलोक गोयल, ध्रुपद राम, डॉ. सोनू केसवानी, पारसनाथ, श्रवण कुमार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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  • Web Title:Life struggle of bahujan heros seen in Biography